Lalluram Business Desk. गोल्डमैन सैक्स ने सोने की कीमतों को लेकर एक बार फिर बड़ी तेजी का अनुमान जताया है। ग्लोबल ब्रोकरेज हाउस के मुताबिक, 2026 के अंत तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में Gold Price 4,900 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकता है।
मौजूदा स्तर से यह करीब 8% की संभावित तेजी का संकेत है। हालांकि, सोने की कीमत कई वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।
अभी 4,504 डॉलर के आसपास Gold Rate
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का भाव हालिया गिरावट के बाद 4,504.10 डॉलर प्रति औंस के आसपास है। इस सप्ताह Gold Price में दबाव देखने को मिला, लेकिन बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में केंद्रीय बैंकों की खरीद और निवेश मांग सोने को सपोर्ट दे सकती है।
Central Banks की बढ़ती Gold Buying बड़ा कारण
सोने की कीमतों में तेजी के पीछे दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों की लगातार Gold Buying को अहम कारण माना जा रहा है। Goldman Sachs Research की ओर से दिए गए अनुमान के मुताबिक, 2022 से पहले केंद्रीय बैंक औसतन हर महीने करीब 17 टन सोना खरीदते थे।
अब यह खरीद बढ़कर करीब 50 टन प्रति माह तक पहुंच गई है। चीन समेत कई देशों के केंद्रीय बैंक अपने Gold Reserves बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं। केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीद से बाजार में सोने की मांग को मजबूती मिल रही है।
Fed Rate और ETF Demand पर टिकी नजर
Goldman Sachs के अनुमान के मुताबिक, अगर अमेरिकी Federal Reserve ब्याज दरों में बढ़ोतरी नहीं करता और Gold ETF में निवेशकों की मांग बढ़ती है, तो सोने की कीमत 4,900 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है।
ब्याज दरों में कमी या नरमी की उम्मीद आमतौर पर सोने के लिए सकारात्मक मानी जाती है, क्योंकि इससे गैर-ब्याज देने वाली परिसंपत्ति Gold की आकर्षकता बढ़ सकती है।
इस सप्ताह Gold Price में क्यों आई गिरावट?
तेजी के अनुमान के बावजूद इस सप्ताह Commodity Market में सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली। अमेरिकी मौद्रिक नीति और ब्याज दरों को लेकर बाजार की चिंता इसका एक प्रमुख कारण रही। महंगाई के आंकड़ों पर Federal Reserve का रुख आगे की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
Geopolitical Tension भी Gold को दे रहा सपोर्ट
सोने की कीमतों पर Geopolitical Tension का भी असर रहता है। Middle East में तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण वैश्विक बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। अगर भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है तो निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर Gold की ओर रुख कर सकते हैं।
Robert Kiyosaki भी जता चुके हैं तेजी का अनुमान
Goldman Sachs के अलावा मशहूर निवेशक और Rich Dad Poor Dad के लेखक रॉबर्ट कियोसाकी भी सोने और चांदी में तेजी की संभावना जता चुके हैं। हालांकि अलग-अलग विशेषज्ञों के अनुमान अलग हो सकते हैं और ये भविष्य की निश्चित कीमत नहीं, बल्कि बाजार परिस्थितियों पर आधारित अनुमान होते हैं।
क्या 2026 में 4,900 डॉलर तक पहुंच सकता है सोना?
Goldman Sachs का 4,900 डॉलर का अनुमान मुख्य रूप से केंद्रीय बैंकों की Gold Buying, ETF Demand और अमेरिकी ब्याज दरों के रुख पर निर्भर करता है। अगर केंद्रीय बैंकों की खरीद जारी रहती है।
ETF निवेश बढ़ता है और Federal Reserve का रुख नरम रहता है, तो सोने में आगे तेजी की गुंजाइश बन सकती है। हालांकि, डॉलर की मजबूती, महंगाई, ब्याज दरों और वैश्विक घटनाक्रम में बदलाव होने पर Gold Price का रुख उलट भी सकता है।
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