Business Desk – Gold Silver Price Today : सोने और चांदी की कीमतों में सोमवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली. अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच निवेशकों की चिंता बढ़ गई है, जिसका असर कीमती धातुओं के बाजार पर भी पड़ा है. घरेलू वायदा बाजार MCX से लेकर अंतरराष्ट्रीय बाजार COMEX तक सोना और चांदी दोनों दबाव में कारोबार कर रहे हैं.

MCX पर सोने और चांदी का हाल
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोमवार को सोना 1 लाख 54 हजार 177 रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर खुला. कारोबार शुरू होने के कुछ ही मिनटों में इसकी कीमत गिरकर 1 लाख 53 हजार 596 रुपए प्रति 10 ग्राम के इंट्राडे लो तक पहुंच गई. वहीं, चांदी 2 लाख 51 हजार 1 रुपए प्रति किलोग्राम पर खुली, लेकिन बिकवाली बढ़ने से यह गिरकर 2 लाख 41 हजार 990 रुपए प्रति किलोग्राम के इंट्राडे लो तक पहुंच गई.
सुबह करीब 10:05 बजे MCX गोल्ड अगस्त फ्यूचर्स 1.12 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1 लाख 53 हजार 822 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था. वहीं, MCX सिल्वर जुलाई फ्यूचर्स 2.21 प्रतिशत टूटकर 2 लाख 43 हजार 100 रुपए प्रति किलोग्राम पर आ गया.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दबाव
घरेलू बाजार की तरह अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव बना हुआ है. COMEX पर सोना करीब 0.50 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,342 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था. वहीं, चांदी भी लगभग 1.60 प्रतिशत टूटकर 68 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गई.
सोना और चांदी में गिरावट की वजह क्या है?
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है. तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ने की आशंका भी बढ़ जाती है, जिसका असर वैश्विक वित्तीय बाजारों और कीमती धातुओं पर पड़ रहा है.
विशेषज्ञों के मुताबिक, बढ़ती महंगाई के चलते अमेरिकी केंद्रीय बैंक (US Federal Reserve) पर ब्याज दरें ऊंची रखने या बढ़ाने का दबाव बन सकता है. ऊंची ब्याज दरें आमतौर पर सोने और चांदी जैसी कीमती धातुओं के लिए नकारात्मक मानी जाती हैं.
एक्सपर्ट्स क्या कह रहे हैं?
SEBI-पंजीकृत मार्केट एक्सपर्ट अनुज गुप्ता के अनुसार, अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है, जिससे निवेशकों के बीच महंगाई की चिंता फिर बढ़ गई है. उनका मानना है कि अगर महंगाई का दबाव बना रहता है, तो अमेरिकी फेडरल रिजर्व की अगली बैठक में ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख अपनाया जा सकता है, जिससे सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव बना रहेगा.
वहीं, कोटक सिक्योरिटीज में कमोडिटी रिसर्च की एवीपी कायनात चैनवाला का कहना है कि शांति वार्ता में रुकावट, ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी और अमेरिकी फेड द्वारा जल्द ब्याज दरों में कटौती के संकेत नहीं मिलने से फिलहाल सोने के लिए माहौल कमजोर बना हुआ है.
उनके मुताबिक, अमेरिका की मई महीने की जॉब्स रिपोर्ट बाजार के लिए अगला बड़ा संकेत होगी. यदि रोजगार के आंकड़े मजबूत आते हैं, तो फेड लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरें बनाए रख सकता है, जिससे बुलियन बाजार पर और दबाव बढ़ सकता है.
निवेशकों के लिए क्या संकेत हैं?
विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल सोने और चांदी की कीमतों की दिशा अमेरिका-ईरान तनाव, कच्चे तेल की कीमतों, महंगाई के आंकड़ों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसलों पर निर्भर करेगी. ऐसे में निवेशकों को बाजार की चाल पर नजर रखते हुए सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है.

