अनुज कुमार पाण्डेय, गोपालगंज। जिले के बैकुंठपुर थाना क्षेत्र के सफियाबाद गांव में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां गैस रिसाव के बाद अचानक आग लगने से बड़ा हादसा हो गया। इस भीषण दुर्घटना में दो मासूम बच्चों की मौत हो गई, जबकि 17 अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए। घटना के बाद पूरे गांव में अफरा-तफरी और मातम का माहौल है।

गैस रिसाव के बीच आग लगने से हादसा

​प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह हादसा गैस रिसाव के बीच आग जलाने के दौरान हुआ। हालांकि, घटना के वास्तविक कारणों का पुख्ता पता घटनास्थल के निरीक्षण और आधिकारिक जांच के बाद ही चल सकेगा। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू करते हुए सभी घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कई गंभीर रूप से झुलसे मरीजों को बेहतर उपचार के लिए उत्तर प्रदेश के गोरखपुर रेफर कर दिया गया है।​

घायलों से मुलाकात करने अस्पताल पहुंचे नेता

दर्दनाक हादसे की खबर मिलते ही प्रशासनिक अमले के साथ-साथ कई प्रमुख जनप्रतिनिधि अस्पताल पहुंचे। बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, विधान परिषद सदस्य जनक राम, सदर विधायक सुभाष सिंह और भाजपा जिलाध्यक्ष संदीप गिरी उर्फ मंटू गिरी ने अस्पताल का दौरा कर घायलों के इलाज की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान सभी नेताओं ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें हरसंभव मदद और सांत्वना दी।

शिक्षा मंत्री ने घटना पर जताया दुख

​शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने इस घटना को बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने डीएम, एसडीएम और सिविल सर्जन से बात कर घायलों के उच्चस्तरीय इलाज की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। मंत्री ने कहा कि दो मासूम बच्चों की मौत पूरे परिवार और समाज के लिए असहनीय पीड़ा है। सरकार इस दुख की घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। सरकार की ओर से नियमानुसार मुआवजा दिलाने के साथ-साथ हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने जरूरत पड़ने पर गंभीर घायलों को पटना के पीएमसीएच स्थित बर्न अस्पताल या अन्य उन्नत चिकित्सा केंद्रों में शिफ्ट करने की बात भी कही।

​सदर विधायक ने भी जताया गहरा शोक

सदर विधायक सुभाष सिंह ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि वे उस समय उत्तर प्रदेश में थे, लेकिन हादसे की सूचना मिलते ही वे तुरंत वापस लौटे। उन्होंने लगातार अधिकारियों के संपर्क में रहकर घायलों के समुचित उपचार की व्यवस्था कराई है। गोरखपुर मेडिकल कॉलेज भेजे गए मरीजों के इलाज को लेकर भी उन्होंने वहां के प्रबंधकों से बातचीत की है। विधायक ने कहा कि वे सुबह अस्पताल का मुआयना करने के बाद घटनास्थल का प्रत्यक्ष निरीक्षण करेंगे ताकि हादसे के असल कारणों तक पहुंचा जा सके।

दो बच्चों की मौत से परिजनों में शोक की लहर

​फिलहाल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग का पूरा ध्यान सभी घायलों के त्वरित और बेहतर इलाज पर केंद्रित है। दो बच्चों की असामयिक मौत से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। पुलिस और प्रशासन की टीम अब घटनास्थल की जांच कर रही है, जिसके बाद ही इस त्रासदी के पीछे की असल वजह आधिकारिक तौर पर स्पष्ट हो सकेगी।

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