अनुज पांडेय, गोपालगंज। जिले के मांझा थाना क्षेत्र अंतर्गत बलुही गांव के पास पिछले दो दिनों से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता एक युवक का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतक की पहचान भैसहीं गांव निवासी बद्री यादव के 30 वर्षीय पुत्र चिंटू कुमार यादव के रूप में की गई है। इस घटना के सामने आने के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में मातम का माहौल छाया हुआ है।
दो दिनों की तलाश के बाद मिला शव
प्राप्त जानकारी के अनुसार, चिंटू कुमार यादव पिछले दो दिनों से अचानक अपने घर से लापता हो गया था। परिजनों ने काफी देर तक उसकी अपने स्तर पर तलाश की, लेकिन जब उसका कोई सुराग नहीं मिला तो पुलिस को इसकी सूचना दी गई। इसी बीच स्थानीय ग्रामीणों ने आशंका जताई कि युवक नदी में डूब गया हो सकता है। सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया और राहत व बचाव कार्य तेज कर दिया गया। मौके पर एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों को बुलाया गया। करीब 48 घंटे तक चले मैराथन और सघन सर्च अभियान के बाद आखिरकार बलुही नदी पुल के समीप से चिंटू का शव बरामद कर लिया गया।
हत्या कर शव को नदी में फेंके जाने का गंभीर आरोप
घटना की सूचना पाकर स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। परिजनों ने आरोप लगाया है कि बदमाशों ने चाकू से गला रेतकर चिंटू की निर्मम हत्या की है और फिर साक्ष्य को पूरी तरह मिटाने के उद्देश्य से उसके शव को नदी में फेंक दिया। मृतक के गले के पास गहरे कट और चेहरे पर गंभीर चोट के निशान इस बात की ओर इशारा कर रहे हैं कि यह एक सुनियोजित हत्याकांड है। हालांकि, पुलिस का आधिकारिक तौर पर कहना है कि मौत के असली कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा।
आपराधिक इतिहास और पुरानी रंजिश के एंगल से भी जांच
इस सनसनीखेज मामले की वैज्ञानिक और तकनीकी रूप से गहराई से जांच करने के लिए टेक्निकल सेल और एफएसएल (FSL) की टीम को भी मैदान में उतारा गया है। पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि मृतक चिंटू कुमार यादव पर पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज थे। इन तमाम पहलुओं को ध्यान में रखते हुए पुलिस इस पूरे मामले को पुरानी रंजिश, आपसी रंजिश या किसी धंधे में वर्चस्व की जंग से जोड़कर भी बेहद बारीकी से देख रही है।
पुलिस की ताबड़तोड़ छापेमारी, जल्द खुलासे का दावा
उधर, शोकाकुल परिजनों ने कुछ स्थानीय लोगों पर हत्या का खुला संदेह जताया है और उनके नाम पुलिस को सौंप दिए हैं। पुलिस परिजनों द्वारा उपलब्ध कराए गए इनपुट और सुरागों के आधार पर संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है। जिले के पुलिस अधिकारियों ने कड़ा रुख अपनाते हुए दावा किया है कि इस जघन्य हत्याकांड में शामिल मुख्य आरोपियों को बहुत जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा और मामले का पूरी तरह से पर्दाफाश कर दिया जाएगा।


