कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने सरकारी अस्पतालों को आधुनिक (Modern ) बनाने के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।

CSR अब ‘फॉर्मेलिटी’ नहीं, बनेगा स्ट्रेटेजिक हथियार

बैठक में साफ कहा गया कि CSR (Corporate Social Responsibility – कॉरपोरेट सामाजिक जिम्मेदारी) को अब सिर्फ वैधानिक दायित्व नहीं, बल्कि रणनीतिक साझेदारी (Strategic Partnership – रणनीतिक भागीदारी) के रूप में अपनाया जाएगा। “इससे कंपनियों की साख (Reputation – प्रतिष्ठा) बढ़ती है और समाज में सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।”

₹100 करोड़ का टारगेट सेट

सरकार ने चालू वित्त वर्ष में ₹100 करोड़ CSR फंड जुटाने का लक्ष्य तय किया है, जिससे सरकारी अस्पतालों का इंफ्र्रास्ट्रक्चर (Infrastructure – ढांचा) मजबूत होगा।
मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी
स्वास्थ्य सेवाएं और आधुनिक बनेंगी

क्या बदलेगा आम जनता के लिए?
अस्पतालों में नई मशीनें
बेहतर इलाज सुविधा
ग्रामीण इलाकों तक सुधार