Govind Singh Dotasra: राजस्थान कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के खिलाफ एक बार फिर विरोध की आवाज उठी है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य मनोज पालीवाल ने शनिवार को जिला कांग्रेस कार्यालय में महात्मा गांधी की मूर्ति के सामने सद्बुद्धि यज्ञ किया। पालीवाल ने यज्ञ के जरिए डोटासरा के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि डोटासरा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की जिम्मेदारी पूरी तरह निभाने में नाकाम हो रहे हैं।

गांधी प्रतिमा के सामने किया सद्बुद्धि यज्ञ

मनोज पालीवाल ने कहा कि उन्होंने अग्नि को साक्षी मानकर सत्य और अहिंसा की मूर्ति महात्मा गांधी के समक्ष यज्ञ किया। उन्होंने भगवान से प्रार्थना की कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को सद्बुद्धि मिले और वे प्रदेश अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी से इस्तीफा दें। पालीवाल ने आरोप लगाया कि डोटासरा इस पद को संभालने में कमजोर हो रहे हैं और अपनी जिम्मेदारी पूरी तरह निभाने में नाकामयाब हैं।

17 कांग्रेस प्रत्याशियों के सिंबल का मुद्दा उठाया

पालीवाल ने भीलवाड़ा नगर निगम चुनाव का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और प्रभारी मुकेश वर्मा 17 कांग्रेस प्रत्याशियों के सिंबल लेटर जमा करने में नाकाम रहे। उनके मुताबिक इसका असर चुनाव परिणाम पर पड़ा और कांग्रेस को निराशा हाथ लगी। उन्होंने महापौर चुनाव को लेकर भी डोटासरा पर आरोप लगाए। पालीवाल का कहना है कि देहात कांग्रेस की नगर पालिकाओं में पार्टी का सिंबल भेजा गया, लेकिन भीलवाड़ा नगर निगम में महापौर के लिए सिंबल नहीं भेजा गया।

स्थानीय नेतृत्व की कोई गलती नहीं

मनोज पालीवाल ने कहा कि नगर निगम चुनाव में 17 सिंबल नहीं देने के लिए स्थानीय नेतृत्व जिम्मेदार नहीं है। उन्होंने इसके लिए प्रदेश नेतृत्व को जिम्मेदार बताया। पालीवाल ने आरोप लगाया कि इस मामले में डोटासरा ने मुकेश वर्मा से ही जांच करवाकर एआईसीसी को रिपोर्ट भेजी और प्रशासन को जिम्मेदार बताया। उनके मुताबिक, इस प्रक्रिया में प्रभावित 17 लोगों से कोई जानकारी नहीं ली गई।

पंचायत राज चुनाव से पहले उठाया सवाल

पालीवाल ने कहा कि आने वाले समय में पंचायत राज चुनाव होने हैं। उनका दावा है कि यदि प्रदेश अध्यक्ष इसी तरह काम करते रहे तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं का नुकसान हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके इस कदम से प्रदेश अध्यक्ष नाराज होकर उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा सकते हैं। इसके बावजूद उन्होंने कांग्रेस के सिद्धांतों और नीतियों के साथ कार्यकर्ताओं की आवाज उठाने की बात कही।

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