नोएडा. करवा चौथ पर पत्नियां पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं. वहीं, ग्रेटर नोएडा के संजय ने अपनी पत्नी रूबी को नई जिंदगी देने के लिए ऐसा कदम उठाया, जिसने सबका दिल जीत लिया. रूबी की दोनों किडनियां फेल हो गई थीं. वह नियमित डायलिसिस पर थीं. पत्नी को इस तकलीफ से बाहर निकालने के लिए 46 वर्षीय संजय ने अपनी एक किडनी दान कर दी. 32 साल की रूबी के लिए पति का यह फैसला किसी अनमोल तोहफे से कम नहीं है.
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रूबी की दोनों किडनियां खराब होने के बाद परिवार मुश्किल दौर से गुजर रहा था. नियमित डायलिसिस के कारण उनकी जिंदगी काफी कठिन हो गई थी. परिवार को उनकी सेहत और भविष्य की चिंता थी. ऐसे समय में संजय ने खुद किडनी देने का फैसला किया. उन्होंने किसी दूसरे डोनर की तलाश करने के बजाय अपनी पत्नी की मदद करने का रास्ता चुना.
अलग ब्लड ग्रुप के कारण चुनौतीपूर्ण था ट्रांसप्लांट
ग्रेटर नोएडा के एक निजी अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने किडनी ट्रांसप्लांट किया. इस मामले में पति-पत्नी के ब्लड ग्रुप अलग थे. रूबी का ब्लड ग्रुप बी पॉजिटिव है, जबकि संजय का ए पॉजिटिव है. ऐसे ट्रांसप्लांट में शरीर के नई किडनी को अस्वीकार करने का खतरा रहता है.
डॉक्टरों ने विशेष इलाज से कम किया जोखिम
डॉक्टरों ने ट्रांसप्लांट से पहले रूबी को डी-सेंसिटाइजेशन ट्रीटमेंट दिया. इसका उद्देश्य नई किडनी को शरीर द्वारा अस्वीकार किए जाने का खतरा कम करना था. डॉक्टरों के अनुसार, ऑपरेशन के बाद किडनी ने बेहतर काम करना शुरू कर दिया. रूबी का सीरम क्रिएटिनिन स्तर 0.70 mg/dl तक पहुंच गया. हालत स्थिर होने पर दोनों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई.
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रूबी बोलीं- पति ने नई जिंदगी की उम्मीद दी
रूबी ने कहा कि डायलिसिस के कठिन दौर में पति ने उनका साथ दिया और नई जिंदगी की उम्मीद जगाई. संजय के लिए भी पत्नी को स्वस्थ देखना सबसे बड़ी खुशी है. करवा चौथ से पहले संजय का यह कदम प्यार, विश्वास और समर्पण की मिसाल बन गया. उन्होंने दिखाया कि मुश्किल समय में अपनों का साथ निभाना ही रिश्ते की असली ताकत है.

