प्रयागराज. प्रयागराज में TGT-PGT भर्ती को लेकर प्रतियोगी छात्रों का धरना चौथे दिन भी जारी है. शिक्षा निदेशालय परिसर में प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थी अपनी मांग पर लिखित फैसला चाहते हैं. बुधवार 28 अक्टूबर की रात प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन छात्र परिसर छोड़ने को तैयार नहीं हुए. अभ्यर्थियों की मांग है कि पुरानी नियमावली से प्रभावित उम्मीदवारों को परीक्षा में शामिल होने का एक मौका दिया जाए.

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लिखित आदेश मिलने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान

प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि अब वे केवल मौखिक आश्वासन पर भरोसा नहीं करेंगे. शासन या संबंधित आयोग की ओर से लिखित आदेश मिलने के बाद ही धरना खत्म करने पर विचार किया जाएगा. अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि पहले भी कई बार ज्ञापन दिए गए, लेकिन उनकी मांग पर ठोस फैसला नहीं हुआ. उनका कहना है कि तीन दिन तक न डीएम उनसे मिलने पहुंचे और न आयोग के किसी अधिकारी ने बातचीत की.

19 दिन के आमरण अनशन के बाद भी नहीं मिला आदेश

अभ्यर्थियों के मुताबिक, उन्होंने 5 से 23 सितंबर तक पत्थर गिरजाघर पर 19 दिन तक आमरण अनशन किया था. उस समय प्रशासन ने मांग पूरी करने का आश्वासन देकर अनशन समाप्त कराया था. हालांकि, छात्रों का दावा है कि अब तक कोई लिखित आदेश जारी नहीं हुआ है. इसी वजह से उन्होंने दोबारा आंदोलन शुरू किया है.

बैरिकेडिंग तोड़कर निदेशालय परिसर में घुसे थे छात्र

धरना सोमवार से शुरू हुआ था. मंगलवार को कई अभ्यर्थी पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़कर शिक्षा निदेशालय परिसर में दाखिल हो गए थे. प्रशासन के अनुसार, इस दौरान फर्नीचर क्षतिग्रस्त हुआ और कार्यालय के कमरों में तालाबंदी का प्रयास किया गया. घटना के बाद करीब 200 लोगों के खिलाफ तोड़फोड़ और कर्मचारियों से दुर्व्यवहार के आरोप में FIR दर्ज की गई है.

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लखनऊ तक पैदल मार्च की चेतावनी

अभ्यर्थियों ने मांग पूरी नहीं होने पर लखनऊ तक पैदल मार्च करने की चेतावनी दी है. वहीं, प्रशासन उन्हें निर्धारित धरना स्थल पर भेजने और कार्यालय की सुरक्षा सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है. अब सभी की नजर शासन और संबंधित आयोग के फैसले पर है. छात्रों का कहना है कि ठोस और लिखित निर्णय के बिना आंदोलन समाप्त नहीं होगा.