यमुनानगर के रादौर में एक राजमिस्त्री के पहचान संबंधी दस्तावेजों का दुरुपयोग करके उसके नाम पर फर्जी फर्म पंजीकृत करने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पीड़ित मजदूर को इस धोखाधड़ी का पता तब चला जब जीएसटी विभाग ने उसे टैक्स चोरी के मामले में पूछताछ का नोटिस भेजा।
यमुनानगर। रादौर में पहचान दस्तावेजों के कथित दुरुपयोग का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक राजमिस्त्री को उस समय बड़ा झटका लगा, जब उसके घर जीएसटी विभाग का नोटिस पहुंचा। नोटिस में उसे जीएसटी चोरी से जुड़े एक मामले में पूछताछ के लिए बुलाया गया था। नोटिस मिलने के बाद जब उसने जांच करवाई तो पता चला कि उसके नाम और दस्तावेजों का इस्तेमाल कर एक फर्म का पंजीकरण कराया गया था और उसके माध्यम से व्यापारिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं।
रादौर निवासी सुभाष चंद ने बताया कि वह राजमिस्त्री का काम करता है और कुछ समय पहले उसने ग्रुप लोन लेने के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड व अन्य दस्तावेज जमा करवाए थे। लोन की पूरी राशि वह चुका चुका है। उसे इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि उसके दस्तावेजों का उपयोग किसी फर्म या कंपनी के पंजीकरण के लिए किया गया है।
हाल ही में उसके घर पहुंचे जीएसटी विभाग के नोटिस ने उसके होश उड़ा दिए। सुभाष चंद के अनुसार वह अनपढ़ है और जीएसटी संबंधी दस्तावेजों की जानकारी नहीं रखता। उसने नोटिस को अन्य लोगों को दिखाया, जिसके बाद मामले की पड़ताल की गई। जांच में सामने आया कि उसके नाम पर एक फर्म संचालित की जा रही थी और उससे जुड़े कारोबारी लेनदेन भी किए गए थे।
पीड़ित का कहना है कि उसका किसी प्रकार के व्यापार, कंपनी संचालन या जीएसटी संबंधी गतिविधियों से कोई लेना-देना नहीं है। वह मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता है। ऐसे में उसके नाम का उपयोग कर फर्म खड़ी किए जाने और कथित तौर पर कारोबार चलाए जाने की जानकारी मिलने के बाद वह खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है।
सुभाष चंद ने प्रशासन और जीएसटी विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही उसने दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की अपील की है। मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में भी चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग दस्तावेजों के दुरुपयोग को लेकर चिंता जता रहे हैं।

