सफलता के लिए सबसे पहले साहस और आत्मविश्वास की आवश्यकता होती है क़िस्मत तो उसके पीछे चलती है। अंग्रेज़ी की प्रसिद्ध Proverb है “Fortune favors the bold” यानी भाग्य साहसी लोगों का साथ देता है अर्थात् वही आगे बढ़ेगा जिसमें जोख़िम उठाने का साहस होगा।

असफलता के डर से अपने सपनों को अधूरा छोड़ देने वालों से पृथ्वी भरी पड़ी है। इतिहास गवाह है अपने भय का मर्दन किए बग़ैर कोई महान और सफ़ल नही बना। कोई वैज्ञानिक हो, योद्धा हो या एक सामान्य व्यक्ति, सबकी सफलता के पीछे उसका साहस ही उसकी सबसे बड़ी ताकत रही है।⁠श्रीमद्भगवद्गीता के ⁠ श्लोक में भगवान श्रीकृष्ण अर्जुन को समझाते हुए कहते हैं कि “न हि कल्याणकृत्कश्चिद् दुर्गतिं तात गच्छति।” अर्थात् अच्छे और कल्याणकारी कर्म करने वाले मनुष्य का कभी बुरा नहीं होता। दूसरे अर्थों में जो अच्छे और साहसी कर्म करता है उसका भाग्य भी साथ देता है।

साहस का अर्थ केवल बड़े जोखिम उठाना नहीं है आपका हौसला आपके छोटे-छोटे निर्णयों में भी देखा जा सकता है। जैसे—नई शुरुआत करना,सही के लिए आवाज़ उठाना या अपने डर का सामना करना। साहस के साथ कदम बढ़ाने पर विपरीत परिस्थितियाँ अपना पक्ष में बदलने लगती हैं।

भारतीय धर्म ग्रंथ भी साहस और कर्म को बहुत महत्व देने वाली कथाओं और संदेशों से भरा पड़ा है। भगवद्गीता में श्रीकृष्ण अर्जुन को बिना डर के अपने कर्तव्य का पालन करने का संदेश देते हैं। रामचरितमानस में जीवन के विपरीत क्षणों में धैर्य और साहस को सबसे बड़ा गुण बताया गया है।

आत्मविश्वास हमें सफलता की ओर ले जाता है और यह आत्मविश्वास आता है साहस से। जब हम अपने डर को छोड़कर आगे बढ़ते हैं तो भाग्य भी हमारे पीछे आता है। भाग्य कोई जादू या ईश्वर प्रदत्त सामग्री नहीं है, यह हमारे कर्म और साहस का परिणाम है। एक अमिट सत्य सदा स्मरण में रखिए, जीवन में कुछ बड़ा हासिल करना चाहते हैं तो डर को पीछे छोड़कर साहस के साथ आगे बढ़िए क्योंकि भाग्य हमेशा साहसी लोगों का ही साथ देता है।

संदीप अखिल

सलाहकार संपादक

न्यूज़ 24 मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़/लल्लूराम डॉट कॉम

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