ई-फार्मेसी के खिलाफ देशव्यापी विरोध के बीच गुरुग्राम जिले के करीब 3 हजार मेडिकल स्टोर खुले रहे, जिससे मरीजों को कोई परेशानी नहीं हुई।
सुशीला देवी, गुरुग्राम। ऑनलाइन दवाइयों की बिक्री के विरोध के बीच बुधवार को जिलेभर के मेडिकल स्टोर खुले रहे। बंद के आह्वान के बावजूद शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में दवा दुकानों पर सामान्य दिनों की तरह ग्राहकों की आवाजाही देखने को मिली। हमारे रिपोर्टर सुशीला देवी के अनुसार, जिले में करीब 3 हजार मेडिकल स्टोर संचालित हैं, जिनमें से अधिकांश ने दुकानें बंद नहीं कीं। इसके चलते आम लोगों को बुधवार को किसी तरह की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ा और पूरे शहर में दवा व्यवस्था पूरी तरह सामान्य रही।
मरीजों की सुविधा के लिए खुली रहीं दुकानें
मेडिकल स्टोर संचालकों का कहना है कि यदि दुकानें बंद की जातीं तो इसका सीधा फायदा ऑनलाइन दवा कंपनियों को मिलता। कई स्थानीय केमिस्टों ने साफ शब्दों में कहा कि मरीजों की सुविधा और जरूरी दवाइयों की उपलब्धता को देखते हुए उन्होंने दुकानें खुली रखने का फैसला लिया। छोटे व्यापारियों ने विरोध के इस पारंपरिक तरीके को दरकिनार करते हुए जनहित में अपने व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सुचारू रूप से चालू रखने को प्राथमिकता दी।
ड्रग विभाग की ओर से सख्त निगरानी
वहीं दूसरी ओर, ऑनलाइन दवा बिक्री को लेकर ड्रग विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। विभाग द्वारा नियमों के उल्लंघन और बिना वैध प्रक्रिया के दवाइयों की सप्लाई करने वाली कंपनियों पर पैनी नजर रखी जा रही है। स्थानीय केमिस्टों का आरोप है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म दवा कारोबार को प्रभावित कर रहे हैं और इससे छोटे व्यापारियों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। बहरहाल, बुधवार को गुरुग्राम की स्वास्थ्य व दवा व्यवस्था पूरी तरह सुदृढ़ बनी रही।

