कर्ण मिश्रा, ग्वालियर। ग्वालियर और मुरैना की आने वाली पीढ़ियों की प्यास बुझाने वाली महत्वाकांक्षी चंबल-कोतवाल जल परियोजना का केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने निरीक्षण किया। करीब 458 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रही इस परियोजना के जरिए ग्वालियर तक प्रतिदिन 150 एमएलडी पानी पहुंचाने का लक्ष्य है। सिंधिया ने निर्माणाधीन इंटेकवेल, पाइपलाइन ब्रिज और पाइपलाइन बिछाने के काम का जायजा लिया। उनका कहना है कि यह परियोजना ग्वालियर-मुरैना के लिए जीवन रेखा साबित होगी और वर्ष 2055 तक की जल जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगी।

ग्वालियर-चंबल अंचल की जल समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में चंबल-कोतवाल जल परियोजना पर काम जारी है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ग्वालियर प्रवास के पहले दिन परियोजना के तहत कोतवाल डैम स्थित निर्माणाधीन इंटेकवेल, सांक नदी पर बन रहे पाइपलाइन ब्रिज और बानमोर के पास पाइपलाइन बिछाने के कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों और परियोजना से जुड़े प्रतिनिधियों से निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी ली और परियोजना को तय समय-सीमा में पूरा करने पर जोर दिया।

31 मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य

करीब 458 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के तहत चंबल नदी और कोतवाल डैम से पानी लेकर ग्वालियर तक पहुंचाया जाएगा। योजना के माध्यम से लगभग 150 एमएलडी पानी ग्वालियर की जलापूर्ति व्यवस्था में जोड़े जाने का लक्ष्य है। पाइपलाइन के जरिए पानी को ग्वालियर लाकर मोतीझील स्थित जलशोधन संयंत्र तक पहुंचाया जाएगा। इसके बाद जलशोधन के माध्यम से शहर की पेयजल व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। परियोजना को 31 मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

  • परियोजना की लागत- करीब 458 करोड़
  • ग्वालियर को मिलेगा- 150 एमएलडी पानी
  • पाइपलाइन की लंबाई- लगभग 31 किलोमीटर
  • लक्ष्य- 31 मार्च 2027 तक पूरा करना

परियोजना के तहत चंबल और कोतवाल डैम से ग्वालियर तक लगभग 31 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जा रही है। रास्ते में आने वाली क्वारी, सांक और आसन नदियों को पार करने के लिए विशेष पाइपलाइन ब्रिज बनाए जा रहे हैं। सिंधिया ने सांक नदी पर निर्माणाधीन ब्रिज का निरीक्षण किया और निर्माण की गुणवत्ता के साथ-साथ कार्य की गति की जानकारी ली।

घर-घर पानी पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता-सिंधिया

केंद्रीय मंत्री सिंधिया का कहना है कि परियोजना का उद्देश्य सिर्फ वर्तमान जल जरूरतों को पूरा करना नहीं, बल्कि ग्वालियर-मुरैना की बढ़ती आबादी और आने वाली पीढ़ियों के लिए दीर्घकालिक जल सुरक्षा तैयार करना है। उनका कहना है कि चंबल का पानी ग्वालियर के घर-घर तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। सिंधिया ने यह भी कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए घरेलू जलापूर्ति के साथ किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना भी जरूरी है। चंबल-पार्वती-सिंध परियोजना और अन्य सिंचाई योजनाओं के जरिए कृषि क्षेत्र को लाभ पहुंचाने की दिशा में काम किया जा रहा है। बहरहाल अब इस परियोजना से उम्मीद है कि तय समयसीमा में काम पूरा होने के बाद ग्वालियर की पेयजल व्यवस्था मजबूत होगी और आने वाले वर्षों में शहर को पानी के संकट से राहत मिल सकेगी।

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