पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत रविवार को दिल्ली से उत्तराखंड लौटे और मुजफ्फरनगर, हरिद्वार व देहरादून में विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल हुए. उन्होंने बीजेपी सरकार को अपने कार्यकाल की जांच के लिए कमीशन गठित करने की चुनौती दी और कहा कि वे पार्टी के निर्देश पर आगे काम करेंगे.
देहरादून. पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत रविवार को दिल्ली से उत्तराखंड लौटे. उत्तराखंड वापसी के दौरान उन्होंने मुजफ्फरनगर स्थित शहीद स्मारक पर राज्य आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि दी. इसके बाद हरिद्वार में मां गंगा का दुग्धाभिषेक किया और देहरादून पहुंचकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित किया.
देहरादून में हरीश रावत का काफिला कचहरी परिसर स्थित शहीद स्मारक पहुंचा, जहां उन्होंने राज्य आंदोलन के शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए. इसके बाद उन्होंने बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए अपने खिलाफ जांच कराने की चुनौती दी.
जांच आयोग की चुनौती
हरीश रावत ने कहा कि यदि सरकार में हिम्मत है तो उनके कार्यकाल की जांच के लिए एक कमीशन गठित किया जाए. उन्होंने कहा कि इस जांच में ईडी, सीबीआई समेत सभी जांच एजेंसियों को शामिल किया जा सकता है और उनके कार्यकाल में हुए कामों की भी पड़ताल कराई जाए.
उन्होंने कहा कि हर चुनाव से पहले उनके घर पर सीबीआई के आने की चर्चा होती थी, लेकिन इस बार चुनाव से पहले उनके निजी सचिव के घर ईडी पहुंची. रावत ने कहा कि ईडी और सीबीआई के बजाय सरकार एक कमीशन बनाकर पूरे मामले की जांच करा सकती है.
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके तीन साल के कार्यकाल के दौरान यदि कोई गलत काम हुआ है तो उसकी भी जांच कराई जाए. उन्होंने सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि जांच में यदि कोई गलती सामने आती है तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है.
इस्तीफे पर भी बोले
देहरादून में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए हरीश रावत ने अपने कांग्रेस के पदों से इस्तीफा देने की बात भी रखी. उन्होंने कहा कि ईडी की कार्रवाई को लेकर उनके खिलाफ बनाए जा रहे कथित नैरेटिव का असर उत्तराखंड कांग्रेस के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान पर नहीं पड़ना चाहिए.
रावत ने कहा कि इसी वजह से उन्होंने कांग्रेस के सभी पदों से हटने की बात कही थी, ताकि पार्टी भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रख सके. उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस के एक सामान्य कार्यकर्ता के रूप में पार्टी के साथ चलते रहेंगे.
उन्होंने यह भी कहा कि वह पार्टी के आदेश के अनुसार काम करने वाले व्यक्ति हैं. रावत के मुताबिक वह जल्द ही कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष से मुलाकात करेंगे और उनकी अनुमति लेने के बाद पार्टी के काम में आगे सक्रिय होंगे.
2027 को लेकर निशाना
हरीश रावत ने कहा कि उत्तराखंड के सामने एक बड़ी चुनौती है और राज्य के विकास का सपना बिखर रहा है. उन्होंने कहा कि यदि 2027 में फिर कोई गलती हुई तो उत्तराखंड जिस दिशा में बढ़ रहा है, वहां से स्थिति को संभालना सभी के लिए मुश्किल हो सकता है.

उन्होंने कहा कि वह वंचितों की लड़ाई लड़ेंगे. उनके अनुसार वंचित चाहे राजनीतिक क्षेत्र से हों या किसी अन्य क्षेत्र से, उनकी आवाज उठाई जाएगी.
नौकरियों के मुद्दे पर जवाब
बीजेपी पर निशाना साधते हुए रावत ने कहा कि कांग्रेस को इस तरह घेरा जा रहा है, जैसे उसके शासनकाल में नौकरियां बेची गई हों. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा रोजगार देने का काम किया और नौकरियां बेचने का काम नहीं किया.
रावत ने कहा कि बीजेपी की ओर से लगाए जा रहे आरोपों की जांच के लिए उनके तीन साल के कार्यकाल पर कमीशन बनाया जा सकता है. उन्होंने दोहराया कि कमीशन में सभी जांच एजेंसियों को शामिल किया जाए और यदि उनके कार्यकाल में कोई गलत काम हुआ है तो जांच के आधार पर कार्रवाई की जाए.



