काजल, हिसार। उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के संबोधन के बाद रामलीला मैदान के मंच का कथित ‘शुद्धिकरण’ किए जाने का मामला राजनीतिक और सामाजिक विवाद का विषय बन गया है। कांग्रेस लीगल डिपार्टमेंट हरियाणा के पदाधिकारियों ने इस घटना पर आपत्ति जताते हुए इसे संविधान, सामाजिक समरसता और दलित समाज के सम्मान का अपमान बताया है।

कांग्रेस नेताओं ने जारी किया संयुक्त बयान

कांग्रेस लीगल डिपार्टमेंट हरियाणा के स्टेट चेयरमैन एडवोकेट लाल बहादुर खोवाल, वरिष्ठ कांग्रेस नेता एडवोकेट चंद्रहर्ष पोली, स्टेट मीडिया कॉर्डिनेटर एडवोकेट बजरंग इंदल और जगदीश बिश्नोई ने संयुक्त बयान जारी कर घटना की निंदा की।

उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति या संगठन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की।

खोवाल बोले- घटना बेहद शर्मनाक

एडवोकेट लाल बहादुर खोवाल ने कहा कि आरएसएस और भाजपा से जुड़ी छुआछूत की मानसिकता के खिलाफ देशभर में आक्रोश है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति समाज खुद को अपमानित महसूस कर रहा है।

खोवाल ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे जैसे वरिष्ठ राष्ट्रीय नेता के संबोधन के बाद मंच के कथित शुद्धिकरण की घटना शर्मनाक है। उन्होंने सवाल उठाया कि आजादी के दशकों बाद भी समाज को जाति और ‘शुद्ध-अशुद्ध’ की सोच में क्यों धकेला जा रहा है।

सामाजिक न्याय और संविधान का मुद्दा उठाया

खोवाल ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से उठाए जा रहे सामाजिक न्याय, जातिगत भेदभाव और संविधान की रक्षा के मुद्दों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय और समानता के बिना लोकतंत्र अधूरा है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस की लड़ाई किसी जाति या धर्म के खिलाफ नहीं, बल्कि भेदभाव और असमानता के खिलाफ है।

कुमारी सैलजा के बयान का समर्थन

एडवोकेट खोवाल ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद कुमारी सैलजा के बयान का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि सनातन का अर्थ आरएसएस और भाजपा नहीं है। उनके मुताबिक, भारत की सनातन परंपरा को किसी राजनीतिक संगठन की विचारधारा से जोड़ना उचित नहीं है।

खोवाल ने कहा कि संविधान ने हर नागरिक को समान अधिकार और सम्मान दिया है।

निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग

खोवाल ने कहा कि कुमारी सैलजा ने सही सवाल उठाया है कि यदि भाजपा ऐसी गतिविधियों का समर्थन नहीं करती तो मामले में अब तक स्पष्ट कार्रवाई क्यों नहीं हुई।

उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो। यदि किसी व्यक्ति या संगठन ने कानून का उल्लंघन किया है तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए।

युवा रोजगार और समान अवसर चाहता है

एडवोकेट बजरंग इंदल ने कहा कि आज का युवा पढ़ाई, रोजगार, अधिकार और अपने भविष्य को लेकर सरकार से सवाल पूछ रहा है। उन्होंने कहा कि युवा जाति और भेदभाव नहीं, बल्कि शिक्षा, रोजगार, समान अवसर और सम्मान चाहता है।

इंदल ने आरोप लगाया कि आरएसएस और भाजपा असल मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए जातिवादी राजनीति का सहारा ले रहे हैं।

आंबेडकर के संविधान का दिया हवाला

खोवाल ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने संविधान के जरिए हर नागरिक को समानता, स्वतंत्रता और सम्मान का अधिकार दिया है। उन्होंने कहा कि जाति के आधार पर किसी के साथ भेदभाव संविधान की मूल भावना के खिलाफ है।

उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन सामाजिक अपमान और जातिगत भेदभाव को किसी भी स्थिति में सही नहीं ठहराया जा सकता।

कांग्रेस ने संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की बात कही

बजरंग इंदल ने कहा कि कांग्रेस सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि देश संविधान के आधार पर चलेगा, किसी राजनीतिक संगठन के कथित एजेंडे के आधार पर नहीं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस जाति और नफरत की राजनीति की ओर देश को पीछे ले जाने के किसी भी प्रयास का लोकतांत्रिक और कानूनी तरीके से विरोध करेगी।

सामाजिक सौहार्द को लेकर जताई चिंता

इंदल ने कहा कि पूरे प्रकरण से सामाजिक सौहार्द को ठेस पहुंची है। उन्होंने संबंधित तथ्यों की निष्पक्ष जांच की जरूरत बताई।

उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक या सामाजिक संगठन को कानून से ऊपर नहीं माना जा सकता।