हमीरपुर. उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में सरकारी स्कूलों की व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत जानने निकले जिलाधिकारी अशोक कुमार के सामने बच्चों ने स्कूल की व्यवस्थाओं की शिकायतों का पुलिंदा खोल दिया. कुरारा क्षेत्र के पतारा गांव स्थित कंपोजिट स्कूल के निरीक्षण के दौरान बच्चों ने मिड-डे मील की गुणवत्ता से लेकर शिक्षक के व्यवहार तक की शिकायत की. डीएम ने मामले में जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.
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बच्चों ने सुनाया 12 और 13 का पहाड़ा
निरीक्षण के दौरान डीएम ने बच्चों से पढ़ाई को लेकर सवाल किए. उन्होंने पूछा कि किस बच्चे को 12 का पहाड़ा आता है. एक छात्र ने आगे आकर पहाड़ा सुनाया. इसके बाद एक अन्य बच्चे ने 13 का पहाड़ा भी सुना दिया. ब्लैकबोर्ड पर गुणा-भाग के सवाल हल करने के लिए कहने पर तीन बच्चों ने कुछ ही सेकेंड में सवाल हल कर दिए. डीएम ने पठन-पाठन की स्थिति को संतोषजनक बताया.
मिड-डे मील को लेकर बच्चों की शिकायत
डीएम ने बच्चों से पूछा कि स्कूल में मिलने वाला खाना कैसा है. बच्चों ने कहा कि भोजन तो मिलता है, लेकिन उसकी गुणवत्ता अच्छी नहीं है. बच्चों के मुताबिक दाल में पानी ज्यादा होता है और रोटी भी खराब मिलती है. उन्होंने यह भी शिकायत की कि दूध में मट्ठा मिलाकर दिया जाता है. डीएम ने इस मामले में बेसिक शिक्षा अधिकारी को कार्रवाई के निर्देश दिए.
गणित शिक्षक पर मारपीट का आरोप
निरीक्षण के बाद जब डीएम अपनी कार की ओर बढ़ रहे थे, तभी कई बच्चे उनके पास पहुंच गए. बच्चों ने आरोप लगाया कि गणित के शिक्षक सवाल पूछने पर उनके साथ मारपीट करते हैं. बच्चों की शिकायत सुनने के बाद डीएम ने बीएसए मुकेश खरवार को मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए. बीएसए ने स्कूल के इंचार्ज प्रधानाध्यापक बिजेंद्र कुमार को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है.
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15 दिन में कमियां दूर करने के निर्देश
डीएम ने स्कूल के नवनिर्मित भवन, कक्षों और लाइब्रेरी का भी निरीक्षण किया. साफ-सफाई समेत कुछ कमियां मिलने पर उन्होंने बीएसए को 15 दिन में इन्हें दूर कराने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए मेज-कुर्सियों की व्यवस्था भी तय समय में की जाए. मिड-डे मील को लेकर डीएम ने भोजन में गुणवत्तापूर्ण तेल और मसालों के इस्तेमाल तथा बच्चों को परोसने से पहले स्कूल समिति द्वारा भोजन चखने के निर्देश दिए. उन्होंने लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी.

