हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में कर्मचारियों और शिक्षकों के लिए नई ऑनलाइन ट्रांसफर नीति को मंजूरी देने के साथ ही 'नया सफर योजना' के तहत पर्यावरण-अनुकूल वाहनों पर बड़ी कर छूट की घोषणा की गई है।

कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में आम जनता, कर्मचारियों, शिक्षकों और परिवहन क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में नई ट्रांसफर नीति से लेकर दयालु योजना और प्रदूषण नियंत्रण को बढ़ावा देने वाले कई बड़े निर्णय लिए गए।

कैबिनेट ने नई मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी और टीचर्स ट्रांसफर पॉलिसी-2026 को मंजूरी दे दी है। नई व्यवस्था के तहत कर्मचारियों और शिक्षकों के तबादलों के लिए 120 अंकों के कंपोजिट स्कोरिंग फ्रेमवर्क के आधार पर रैंकिंग तय की जाएगी। सरकार का दावा है कि इससे ट्रांसफर प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और मेरिट आधारित बनेगी।

मंत्रिमंडल ने दयालु-1 योजना में भी अहम संशोधनों को मंजूरी दी है। अब योजना के तहत सहायता राशि प्राप्त करने के लिए क्लेम दाखिल करने की समय-सीमा 3 महीने से बढ़ाकर 6 महीने कर दी गई है। इससे पात्र परिवारों को राहत मिलने और आवेदन प्रक्रिया अधिक आसान होने की उम्मीद है।

प्रदूषण नियंत्रण और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट ने एनसीआर के जिलों में बीएस-4 अथवा उससे पुराने मानकों वाले ट्रकों और बसों को बदलने पर मोटर वाहन कर में छूट देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। इसके साथ ही ‘नया सफर योजना’ के तहत नए बीएस-6, इलेक्ट्रिक और सीएनजी ट्रक एवं बसों की खरीद पर पात्र लाभार्थियों को 100 प्रतिशत मोटर वाहन कर में छूट मिलेगी।

सरकार ने पुराने अथवा इस्तेमाल किए गए इलेक्ट्रिक वाहन, सीएनजी ट्रक और बस खरीदने वालों को भी बड़ी राहत दी है। ऐसे वाहनों की खरीद पर 50 प्रतिशत मोटर वाहन कर में छूट प्रदान की जाएगी। विशेष बात यह है कि दोनों श्रेणियों में मिलने वाली टैक्स छूट 10 वर्षों तक प्रभावी रहेगी।

इसके अलावा योजना के तहत खरीदे जाने वाले नए वाहनों के पंजीकरण पर रजिस्ट्रेशन शुल्क भी पूरी तरह माफ रहेगा। सरकार का मानना है कि इन फैसलों से पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छ परिवहन और आम लोगों को आर्थिक राहत देने में मदद मिलेगी।