हांसी, नवीन शर्मा. हांसी में नगर परिषद की एक बार फिर बैठक रद्द हो गई। पहले हाउस की बैठक रद्द हुई थी और अब बजट बैठक भी नहीं हो सकी। नगर परिषद में 27 पार्षदों में से केवल तीन पार्षद ही बैठक में पहुंचे, जिसके चलते कोरम पूरा नहीं हो पाया और बैठक स्थगित करनी पड़ी। नगर परिषद वार्ड पार्षद प्रतिनिधि सीमांत चौधरी ने ईओ और चेयरमैन प्रवीण इलावादी पर करोड़ों रुपये के घोटाले और विकास कार्य न करवाने के आरोप लगाए।

आपको बता दे बैठक के लिए पहुंचे तीन पार्षदों में से कार्यकारी अधिकारी राजेंद्र सोनी और चेयरमैन प्रवीण ऐलावादी पर गंभीर आरोप लगाए। पार्षद प्रतिनिधि सीमांत चौधरी ने नगर परिषद के ईओ राजेंद्र सोनी और चेयरमैन प्रवीण ऐलावादी पर शहर में विकास कार्य नहीं करवाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि शहर के विकास से जुड़े मुद्दों की लगातार अनदेखी की जा रही है, जिससे जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हमारे वार्डों की सफाई भी नहीं है।


उन अनअप्रूव्ड रास्तों का भी निर्माण कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास कार्यों में नियमों की अनदेखी की गई, जबकि कई जरूरी कार्य अभी भी अधूरे पड़े हैं।

पार्षद प्रतिनिधि सीमांत चौधरी ने करोड़ों रुपये के घोटाले के आरोप भी लगाए और विकास कार्यों में पारदर्शिता की मांग की। उनका कहना था कि शहर के विकास कार्य ठप पड़े हैं और जनता के हितों से जुड़े फैसले नहीं लिए जा रहे। बैठक में चेयरमैन की पत्नी, जो स्वयं पार्षद हैं, उनके भी उपस्थित नहीं होने पर सवाल उठाए गए। पार्षदों ने आरोप लगाया कि चेयरमैन शहर के विकास को लेकर गंभीर नहीं हैं और इसी कारण लगातार बैठकें प्रभावित हो रही हैं।

नगर परिषद की लगातार दूसरी महत्वपूर्ण बैठक रद्द होने से शहर के विकास कार्यों और आगामी योजनाओं पर भी असर पड़ा है। अब पार्षदों की नजर अगली बैठक पर टिकी है कि उसमें विकास से जुड़े मुद्दों पर कोई ठोस निर्णय हो पाता है या नहीं।


बैठक में पहुंचे पार्षदों ने नगर परिषद प्रशासन और चेयरमैन पर शहर के विकास कार्यों की अनदेखी करने के आरोप लगाए। वही भाजपा समर्थित पार्षद प्रतिनिधि मुकेश ने आरोप लगाया कि शहर में सफाई व्यवस्था ठीक नहीं है

वहीं नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी राजेंद्र सोनी ने कहा कि पार्षदों के बैठक में नहीं पहुंचने से शहर के विकास कार्यों पर निश्चित रूप से असर पड़ेगा। उन्होंने सभी पार्षदों से जनहित के मुद्दों पर बैठक में भाग लेने की अपील की। साथ ही उन्होंने नगर परिषद पर लगाए जा रहे घोटाले और अनियमितताओं के आरोपों को सिरे से खारिज किया।