हरिद्वार जमीन घोटाले में कार्रवाई का सामना कर चुके IAS अधिकारी कर्मेंद्र सिंह और PCS अधिकारी अजयवीर को उत्तराखंड शासन ने नई तैनाती दी है. कर्मेंद्र सिंह को महिला कल्याण एवं बाल विकास विभाग में अपर सचिव और अजयवीर को डोईवाला चीनी मिल का अधिशासी अधिकारी बनाया गया है.
देहरादून. हरिद्वार जमीन घोटाला प्रकरण में कार्रवाई का सामना कर चुके दो अधिकारियों को उत्तराखंड शासन ने नई जिम्मेदारी दी है. भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी कर्मेंद्र सिंह को अपर सचिव महिला कल्याण एवं बाल विकास बनाया गया है, जबकि PCS अधिकारी अजयवीर को डोईवाला स्थित गन्ना चीनी मिल का अधिशासी अधिकारी नियुक्त किया गया है.
उत्तराखंड शासन में IAS, PCS और सचिवालय सेवा के अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां देने का सिलसिला जारी है. हाल में अधिकारियों की तबादला सूची जारी होने के बाद कर्मेंद्र सिंह और अजयवीर को भी नई तैनाती दी गई है.
जमीन घोटाले में हुई कार्रवाई
हरिद्वार जमीन घोटाला प्रकरण को लेकर दोनों अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई थी. शासन ने इस मामले में दोनों को निलंबित किया था और जांच के बाद कार्रवाई की संस्तुति भी की गई थी.
दोनों अधिकारी लंबे समय से नई जिम्मेदारी मिलने का इंतजार कर रहे थे. अब शासन की ओर से उनका निलंबन वापस लेते हुए नई तैनाती दी गई है.
वरुण चौधरी पर भी कार्रवाई
हरिद्वार जमीन घोटाले के मामले में तत्कालीन हरिद्वार नगर निगम के नगर आयुक्त IAS अधिकारी वरुण चौधरी को सरकार ने बर्खास्त करने की सिफारिश की है. मामले की शुरुआत सितंबर 2024 में हुई थी.
हरिद्वार नगर निगम ने सराय गांव में कचरे के निस्तारण के लिए जमीन खरीदने की प्रक्रिया शुरू की थी. इस दौरान जमीन का उपयोग कृषि से व्यावसायिक श्रेणी में परिवर्तित किया गया, जिससे उसकी कीमत बढ़ गई. इसके बाद नगर निगम ने जमीन खरीद ली.
निजी लाभ का आरोप
मामले में आरोप लगाए गए कि निजी व्यक्तियों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से जमीन की कीमत बढ़ाकर उसकी खरीद की गई. प्रकरण की जांच आगे बढ़ने पर IAS अधिकारी समेत PCS और विभागीय स्तर के कई अधिकारियों को निलंबित किया गया.
इसके अलावा मामले में कई स्तरों पर जांच भी हुई और कार्रवाई की संस्तुति की गई. अब शासन के आदेश के बाद कर्मेंद्र सिंह और अजयवीर का निलंबन वापस लेकर उन्हें नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं.


