हरियाणा सरकार ने नशे के खिलाफ बड़ा कदम उठाते हुए हर गांव और शहर में एंटी ड्रग ज्वाइंट टास्क force गठित करने का फैसला किया है। इस अभियान के तहत नशा तस्करी रोकने के साथ-साथ युवाओं के पुनर्वास और रोजगार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने प्रदेश को नशा मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए हर गांव और शहर में एंटी ड्रग ज्वाइंट टास्क फोर्स गठित करने का फैसला किया है। इस टास्क फोर्स के माध्यम से नशे के नेटवर्क और तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पंचायतों, स्थानीय निकायों और समाज की भागीदारी से मजबूत निगरानी तंत्र विकसित किया जाएगा, ताकि नशे की रोकथाम के लिए सामूहिक प्रयास किए जा सकें।
सरकार की योजना केवल नशा तस्करी पर कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि नशे की लत से बाहर आए लोगों के पुनर्वास, कौशल विकास और रोजगार पर भी विशेष फोकस किया जाएगा। इसके लिए प्रदेश में नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाएगी, ताकि प्रभावित युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने में मदद मिल सके।
इसके अलावा हर जिले में सीनियर सिटीजन क्लब स्थापित किए जाएंगे, जो सामाजिक जागरूकता बढ़ाने और नशा विरोधी अभियान को जन-आंदोलन का रूप देने में सहयोग करेंगे। सरकार का उद्देश्य कानून प्रवर्तन, सामाजिक सहभागिता और पुनर्वास को साथ लेकर नशे के खिलाफ व्यापक और प्रभावी अभियान चलाना है।
सरकार का मानना है कि नशा तस्करों पर कड़ी कार्रवाई, समाज की सक्रिय भागीदारी और युवाओं को रोजगार व कौशल विकास से जोड़ने की रणनीति प्रदेश को ‘नशा मुक्त हरियाणा’ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी।

