चंडीगढ़। हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत गुरुवार को सियासी तल्खी के बीच हुई। सत्र के पहले ही दिन कांग्रेस विधायकों ने सरकार के खिलाफ विरोध का रुख अपनाते हुए काले कपड़े पहनकर सदन में प्रवेश किया। कांग्रेस विधायकों के इस विरोध प्रदर्शन से साफ संकेत मिले कि मानसून सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल सकती है।
सदन की कार्यवाही की शुरुआत राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के गायन के साथ हुई। हालांकि, उस समय कांग्रेस के विधायक सदन के भीतर मौजूद नहीं थे। राष्ट्रगीत समाप्त होने के तुरंत बाद नेता प्रतिपक्ष सहित कांग्रेस के अन्य विधायक विधानसभा के अंदर पहुंचे। राष्ट्रगीत के दौरान कांग्रेस विधायकों की गैरमौजूदगी को लेकर सदन में सियासी चर्चा शुरू हो गई।
काले कपड़ों में पहुंचे कांग्रेस विधायक
कांग्रेस विधायक सरकार की नीतियों और विभिन्न जनहित के मुद्दों पर अपना विरोध दर्ज कराने के लिए काले कुर्ते और काली पट्टी सहित काले कपड़ों में विधानसभा पहुंचे। विधायकों के इस विरोध को मानसून सत्र के दौरान सरकार को घेरने की कांग्रेस की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
सत्र की शुरुआत में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दिवंगत नेताओं और बलिदानियों को श्रद्धांजलि देते हुए शोक प्रस्ताव पढ़ा। इस दौरान कांग्रेस विधायक काले कपड़ों में अपने आसनों पर बैठे नजर आए।
पहले दिन से ही टकराव के संकेत
मानसून सत्र से पहले ही विपक्ष सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की तैयारी में है। कांग्रेस की ओर से जनसमस्याओं, सरकार की नीतियों और अन्य मुद्दों को लेकर सवाल उठाए जाने की संभावना है। वहीं, सत्ता पक्ष भी विपक्ष के आरोपों का जवाब देने की तैयारी में है।
सत्र की शुरुआत में ही कांग्रेस के विरोध और राष्ट्रगीत के दौरान सदन से उनकी गैरमौजूदगी ने माहौल को सियासी रंग दे दिया है। ऐसे में आने वाले दिनों में विधानसभा के भीतर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार बहस और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
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