कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा मंत्रिमंडल की सोमवार को हुई बैठक में कर्मचारियों, वाहन मालिकों, शहरी विकास, महिला सशक्तिकरण और पंचायत विभाग से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगाई गई। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई बैठक में नई मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी (MOTP-2026) को मंजूरी देने के साथ-साथ NCR क्षेत्र में पुराने वाहनों को बदलने पर कर छूट और अवैध कॉलोनियों के समाधान के लिए विशेष समिति गठित करने जैसे बड़े निर्णय लिए गए।

कैबिनेट ने नई ट्रांसफर पॉलिसी के तहत कर्मचारियों के तबादलों के लिए 120 अंकों का कंपोजिट स्कोरिंग फ्रेमवर्क लागू करने का फैसला किया है। नई व्यवस्था में आयु और कैडर अनुभव को 25-25 प्रतिशत तथा अन्य मानकों को 50 प्रतिशत वेटेज दिया जाएगा। पति-पत्नी मामलों में मेरिट अंक 5 से बढ़ाकर 10 कर दिए गए हैं। साथ ही टीचर्स ट्रांसफर पॉलिसी-2026 को भी मंजूरी प्रदान की गई है।

वाहन मालिकों को राहत देते हुए सरकार ने NCR जिलों में BS-4 अथवा उससे पुराने ट्रक और बसों को बदलने पर मोटर वाहन कर में छूट देने का निर्णय लिया है। ‘नया सफर योजना’ के तहत नए BS-6, इलेक्ट्रिक और CNG ट्रक-बसों की खरीद पर 100 प्रतिशत मोटर वाहन कर छूट मिलेगी, जबकि पुराने अथवा प्रयुक्त इलेक्ट्रिक और CNG वाहनों की खरीद पर 50 प्रतिशत कर छूट दी जाएगी। योजना के तहत खरीदे गए वाहनों की रजिस्ट्रेशन फीस भी माफ होगी और यह लाभ 10 वर्षों तक प्रभावी रहेगा।

शहरी विकास से जुड़े एक अहम फैसले में यमुनानगर नगर निगम क्षेत्र की 26 सितंबर 2013 से पूर्व विकसित कॉलोनियों की पहचान और समाधान के लिए विशेष समिति गठित करने को मंजूरी दी गई है। समिति कॉलोनियों की बाहरी सीमाएं निर्धारित करेगी और जिन कॉलोनियों के खसरा नंबर या स्वीकृत लेआउट प्लान उपलब्ध नहीं हैं, उन्हें विशेष रूप से चिन्हित कर रिपोर्ट तैयार करेगी। इसके साथ ही डेवलपमेंट चार्ज से संबंधित प्रावधानों को भी मंजूरी दी गई है।

बैठक में हरियाणा राज्य महिला आयोग संशोधन अध्यादेश-2026 को मंजूरी देते हुए आयोग में गैर-सरकारी सदस्यों की संख्या 5 से बढ़ाकर 7 करने का फैसला लिया गया। वहीं हरियाणा बागवानी नर्सरी नियम-2026 को भी मंजूरी दी गई, जिसके तहत नर्सरियों के लिए न्यूनतम गुणवत्ता मानक तय होंगे और QR कोड आधारित ट्रेसबिलिटी व्यवस्था लागू की जाएगी।

इसके अलावा दयालु-1 योजना में संशोधन कर क्लेम प्रस्तुत करने की समय सीमा 3 माह से बढ़ाकर 6 माह कर दी गई है। हरियाणा नगर पालिका एवं नगर निगम संशोधन अध्यादेश-2026 को भी मंजूरी दी गई है। स्लॉटर हाउस और मीट दुकानों के लिए अलग व्यापार लाइसेंस की अनिवार्यता समाप्त कर दोहरी लाइसेंस व्यवस्था खत्म करने का निर्णय लिया गया है।

कैबिनेट के इन फैसलों को कर्मचारियों, वाहन मालिकों, शहरी क्षेत्रों के निवासियों और विभिन्न विभागों में प्रशासनिक सुधारों की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।