हरियाणा के करीब 15 हजार लिपिकीय कर्मचारियों के लिए राज्य सरकार के वित्त विभाग ने एक अहम आदेश जारी किया है। इसके तहत कर्मचारियों को मिलने वाली अतिरिक्त वेतन वृद्धि को अब उनके मूल वेतनमान में स्थायी रूप से जोड़ा जाएगा।

 चंडीगढ़। हरियाणा के लिपिकीय वर्ग के कर्मचारियों के लिए राज्य सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। प्रदेश के वित्त विभाग ने स्पष्ट किया है कि क्लर्कों को मिलने वाली अतिरिक्त वेतन वृद्धि (इंक्रीमेंट) को अब उनके मूल वेतन (बेसिक पे) का स्थायी हिस्सा माना जाएगा। सरकार के इस कदम से राज्य के लगभग 15 हजार लिपिकों, वरिष्ठ लिपिकों और सहायकों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।

बेसिक पे के आधार पर तय होंगे भत्ते

क्लेरिकल एसोसिएशन वेलफेयर सोसायटी की ओर से दर्ज कराई गई आपत्तियों का निपटारा करते हुए वित्त विभाग ने स्थिति साफ कर दी है। वर्ष 2020 बैच के क्लर्कों को दी जाने वाली दो अतिरिक्त वेतन वृद्धि और वरिष्ठ लिपिकों को मिलने वाली तीन अतिरिक्त वेतन वृद्धि अब बेसिक पे में शामिल होगी। इसके परिणामस्वरूप कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA), मकान किराया भत्ते (HRA), वार्षिक इंक्रीमेंट, लीव एनकैशमेंट, पदोन्नति पर वेतन निर्धारण, एसीपी और पेंशन जैसे सभी सेवा लाभ इसी बढ़े हुए मूल वेतन के आधार पर तय किए जाएंगे।

8 फरवरी 2024 से लागू होंगे नियम

विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार यह व्यवस्था 8 फरवरी 2024 से प्रभावी मानी जाएगी और पात्र कर्मचारियों को इसी तिथि से संशोधित वित्तीय लाभ दिए जाएंगे। इस फैसले से कर्मचारियों की वार्षिक वेतन वृद्धि की निर्धारित तिथि में कोई बदलाव नहीं आएगा। जिन लिपिकों को अतिरिक्त वेतन वृद्धि मिलने के उपरांत सहायक पद पर प्रमोशन मिल चुका है, उनके वेतन का निर्धारण हरियाणा सिविल सेवा (वेतन) नियम, 2016 के तहत फिर से किया जाएगा।

टाइप टेस्ट छूट और विषमता का समाधान

संशोधित आदेशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिन लिपिकों ने विभागीय टाइप टेस्ट या SETC परीक्षा पास नहीं की है, वे भी इस इंक्रीमेंट के पात्र होंगे। इसके अलावा, यदि किसी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को बिना SETC पास किए लिपिक पद पर पदोन्नत किया गया है, तो उसे भी यह लाभ दिया जाएगा। यदि अतिरिक्त इंक्रीमेंट के कारण किसी कनिष्ठ कर्मचारी का वेतन अपने वरिष्ठ कर्मचारी से अधिक हो जाता है, तो वित्त विभाग ऐसे मामलों की जांच सेवा रिकॉर्ड के आधार पर अलग से करके फैसला लेगा।