कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा सरकार प्रदेश के प्रतिभावान विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव देने के लिए उन्हें विदेश भ्रमण पर ले जाने की योजना तैयार कर रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत-2047’ के संकल्प को साकार करने के लिए सरकार प्रतिभावान, संस्कारवान, ज्ञानवान और कुशल युवाओं की नई पीढ़ी तैयार कर रही है।
मुख्यमंत्री वीरवार को महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक के राधाकृष्णन सभागार में आयोजित मेधावी छात्र सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की दसवीं, बारहवीं और ओलंपियाड परीक्षाओं में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया।
‘विदेश भ्रमण से बढ़ेगा बच्चों का दृष्टिकोण और बौद्धिक विकास’
मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया तेजी से वैश्वीकृत (Globalized) हो रही है। ऐसे में विद्यार्थियों को केवल किताबों तक सीमित रखना पर्याप्त नहीं है। इसी उद्देश्य से सरकार ने ऐसी योजना तैयार की है, जिसके तहत प्रतिभावान विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय भ्रमण करवाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इससे बच्चों को विभिन्न देशों की शिक्षा व्यवस्था, तकनीक, संस्कृति और कार्यप्रणाली को समझने का अवसर मिलेगा। इससे उनका दृष्टिकोण व्यापक होगा और बौद्धिक विकास भी होगा।
‘शिक्षा ऐसी हो, जिससे युवा नौकरी मांगने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनें’
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि शिक्षा का अर्थ केवल डिग्री हासिल करना नहीं है। शिक्षा ऐसी होनी चाहिए, जो युवाओं को आत्मनिर्भर बनाए।
उन्होंने मेधावी विद्यार्थियों से कहा कि सम्मान मिलना उनकी मंजिल नहीं, बल्कि लंबी यात्रा का एक पड़ाव है। उन्होंने कहा कि अभी विद्यार्थियों को जीवन में कई और ऊंचाइयां हासिल करनी हैं।
सरकारी स्कूलों में AI और रोबोटिक्स की पढ़ाई पर जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में डिजिटल शिक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स और ISRO व DRDO जैसी संस्थाओं से जुड़ी नई तकनीकों की जानकारी देने के लिए 391 STEM लैब स्थापित की जा चुकी हैं।
इसके अलावा 250 विद्यालयों में 25 करोड़ रुपये की लागत से अटल टिंकरिंग लैब स्थापित की जा रही हैं। प्रदेश में हर 10 किलोमीटर की दूरी पर राजकीय मॉडल संस्कृति विद्यालय स्थापित किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में हरियाणा में 468 पीएम श्री और मॉडल संस्कृति विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इसके अलावा राज्य में 250 उत्कृष्ट विद्यालय स्थापित किए जाएंगे, जहां विद्यार्थी हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों से शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।
मिशन बुनियाद और सुपर-100 से 277 विद्यार्थियों का IIT, NIT और IIM में दाखिला
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 103 सरकारी स्कूलों में मिशन बुनियाद और सुपर-100 कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
उन्होंने बताया कि इन योजनाओं के माध्यम से 277 विद्यार्थियों को IIT, NIT और IIM में दाखिला मिला है, जबकि 61 विद्यार्थी मेडिकल कॉलेजों में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
युवाओं को विदेशों में रोजगार दिलाने पर भी सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि वैश्विक स्तर पर रोजगार के अवसरों को देखते हुए हरियाणा सरकार ने विदेश सहयोग विभाग की स्थापना की है। इसके माध्यम से युवाओं को विदेशों में रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने का प्रयास किया जा रहा है।
इसके साथ ही प्रदेश के विद्यालयों में विदेशी भाषाओं की ट्रेनिंग देने की दिशा में भी काम शुरू किया गया है। उन्होंने बताया कि अब तक 60 शिक्षकों को फ्रेंच भाषा का प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मेधावी विद्यार्थियों को स्नेहपूर्वक सम्मानित किया और उनके साथ मंच पर सेल्फी भी ली।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर, MDU के कुलपति प्रो. मिलाप पूनिया, शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन शंकर धूपड़, वरिष्ठ अधिकारी उदय कुमार, मेयर रामअवतार वाल्मीकि, भाजपा जिलाध्यक्ष रणबीर ढाका, मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव प्रवीण अत्रे, रेणु डाबला सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
- हर सनातनी की श्वास-श्वास में बसते हैं प्रभु श्रीराम, ‘जय श्रीराम’ हमारा सनातन संस्कार का संबोधन : सीएम योगी
- कलिंगा विश्वविद्यालय में ‘अल्ट्राटेक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ का शुभारंभ, सिविल इंजीनियरिंग छात्रों को मिलेगा उद्योग आधारित प्रशिक्षण, इंटर्नशिप और प्लेसमेंट के बढ़ेंगे अवसर
- दवा दुकानों पर स्वास्थ्य विभाग की सख्ती: नियमों के उल्लंघन पर 8 मेडिकल स्टोर संचालकों को नोटिस
- छात्र आंदोलन के समर्थन में JMM का प्रदर्शन, रांची में PM मोदी का पुतला फूंका
- शासकीय भूमि पर अतिक्रमण का मामला: पीडब्ल्यूडी विभाग ने कार्रवाई के लिए तहसीलदार को लिखा पत्र


