कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़, 24 जुलाई। साइबर अपराध के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई में हरियाणा ने देशभर में शानदार प्रदर्शन किया है। साइबर ठगी के पीड़ितों को धनवापसी और अंतरराज्यीय समन्वय के मामलों में हरियाणा का प्रदर्शन राष्ट्रीय औसत से कई गुना बेहतर रहा है।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई प्रगति समीक्षा बैठक में साइबर अपराध नियंत्रण को लेकर राज्य की उपलब्धियों की समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि 22 जुलाई 2026 तक दर्ज 14,731 साइबर अपराध मामलों में 38 प्रतिशत मामलों में पीड़ितों को धनवापसी के आदेश जारी किए गए हैं, जबकि राष्ट्रीय औसत केवल 8 प्रतिशत है।
भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र के मनी रिस्टोरेशन मॉड्यूल (एमआरएम) के माध्यम से अब तक 2.51 करोड़ रुपये की राशि साइबर ठगी के पीड़ितों को वापस दिलाई जा चुकी है।
अंतरराज्यीय साइबर अपराधों पर भी तेज कार्रवाई
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (साइबर) चारू बाली ने बताया कि अंतरराज्यीय समन्वय के मामले में भी हरियाणा ने बेहतर प्रदर्शन किया है। समन्वय पोर्टल के माध्यम से अन्य राज्यों से प्राप्त 9,437 सहायता अनुरोधों में से 9,156 मामलों का निस्तारण किया गया है। यह 97 प्रतिशत प्रतिक्रिया दर है।
1 लाख से अधिक की साइबर ठगी पर अब ई-जीरो एफआईआर
25 जून 2026 से लागू ई-जीरो एफआईआर व्यवस्था के तहत डायल-1930 हेल्पलाइन पर एक लाख रुपये से अधिक की साइबर ठगी से जुड़ी शिकायतों को स्वतः ई-जीरो एफआईआर में बदला जा रहा है।
अब तक 233 ई-जीरो एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें से 204 को नियमित एफआईआर में परिवर्तित कर जांच शुरू कर दी गई है।
अवैध ऑनलाइन सामग्री हटाने में भी बड़ी तेजी
सहयोग पोर्टल के माध्यम से वर्ष 2025 में 5,169 अवैध यूआरएल हटाए गए थे, जबकि 1 जनवरी से 22 जुलाई 2026 के बीच ही 15,853 यूआरएल हटाए जा चुके हैं। यह पिछले वर्ष की तुलना में लगभग तीन गुना अधिक है।
नूंह में साइबर अपराधियों पर बड़ी कार्रवाई
राज्य के एकमात्र साइबर क्राइम हॉटस्पॉट नूंह में जनवरी 2025 से 22 जुलाई 2026 तक पुलिस ने:
- 491 सुओ-मोटो एफआईआर दर्ज कीं
- 949 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया
- 772 मोबाइल फोन और 1,481 सिम कार्ड बरामद किए
- 55,323 मोबाइल नंबर ब्लॉक किए
- 25,202 आईएमईआई नंबर भी ब्लॉक किए
पुलिस ने यह कार्रवाई प्रतिबिंब पोर्टल, टावर डंप, आईएमईआई लिंकिंग और लोकेशन डेटा की मदद से की।
10 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मियों को साइबर जांच की ट्रेनिंग
जनवरी 2025 से जून 2026 के बीच 4,670 पुलिसकर्मियों को साईट्रेन पोर्टल और 5,454 पुलिसकर्मियों को हरियाणा पुलिस अकादमी, मधुबन में ऑफलाइन प्रशिक्षण दिया गया।
इनमें से 675 प्रशिक्षित पुलिसकर्मी वर्तमान में प्रदेशभर में साइबर अपराधों की जांच में तैनात हैं।
3.14 लाख से अधिक लोगों को किया जागरूक
साइबर सुरक्षा को लेकर जनवरी से जून 2026 के बीच 1,322 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। स्कूलों, कॉलेजों, बस अड्डों, बाजारों और सार्वजनिक पार्कों में आयोजित इन कार्यक्रमों के माध्यम से 3.14 लाख से अधिक लोगों तक पहुंच बनाई गई।

राज्य साइबर अपराध समन्वय केंद्र का भी विस्तार किया गया है। इसमें सोशल मीडिया मॉनिटरिंग यूनिट, ओसीडब्ल्यूसी यूनिट, क्रिएटिव अवेयरनेस यूनिट, एआई इंटीग्रेशन सेल और सीक्रेट सेल स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा डार्क वेब, वर्चुअल डिजिटल एसेट और कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़े विशेष प्रभाग स्थापित करने की भी योजना है।
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