कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान के बीच वरिष्ठ नेता कुलदीप शर्मा ने मंगलवार को चंडीगढ़ के एमएलए हॉस्टल में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पार्टी के भीतर चल रही गतिविधियों पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कांग्रेस छोड़ने और भाजपा में जाने की चर्चाओं को लेकर स्थिति स्पष्ट की, लेकिन उनके बयानों में पार्टी के भीतर अपनी बात रखने का अवसर नहीं मिलने का दर्द भी साफ नजर आया।

कुलदीप शर्मा ने कहा कि सोशल मीडिया पर पिछले कुछ समय से यह बात चल रही है कि वह कांग्रेस छोड़ने जा रहे हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। उन्होंने साफ तौर पर कांग्रेस छोड़ने की खबरों का खंडन किया। भाजपा में जाने की अटकलों पर भी उन्होंने कहा कि वह भाजपा में नहीं जा रहे हैं। हालांकि, इस सवाल पर उनका जवाब खबरों के लिए चर्चा का विषय बना रहा।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में शर्मा ने पार्टी के भीतर आंतरिक लोकतंत्र को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की बैठकों में उन्हें अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया जाता। यहां तक कि HKRN के विरोध-प्रदर्शन के दौरान भी उन्हें बोलने नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि पार्टी का गुलदस्ता बिखर चुका है और कांग्रेस में आंतरिक लोकतंत्र को खतरा है।

शर्मा ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि युवाओं में काफी आक्रोश है और राहुल गांधी की लोकप्रियता बढ़ रही है। उन्होंने हरियाणा की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। HKRN को लेकर भी उन्होंने सवाल खड़े किए और पूछा कि क्या यह भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है।

दीपेंद्र हुड्डा प्रकरण से भी गरमाई हुई है सियासत

कुलदीप शर्मा पिछले कुछ दिनों से कांग्रेस के भीतर दीपेंद्र हुड्डा को लेकर भी लगातार चर्चा में हैं। सज्जन कुमार को लेकर दीपेंद्र हुड्डा के कथित बयान पर शर्मा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र लिखकर हुड्डा को कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) से हटाने की मांग की थी। शर्मा ने अपने पत्र में इस बयान से सिख समुदाय में नाराजगी पैदा होने और पार्टी को राजनीतिक नुकसान होने की आशंका जताई थी।

हालांकि, दीपेंद्र हुड्डा ने बाद में अपने बयान को लेकर सफाई देते हुए कहा था कि उनके शब्दों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया और उन्होंने सज्जन कुमार को ‘रोल मॉडल’ नहीं कहा। उन्होंने सिख दंगा पीड़ितों के लिए न्याय की बात भी दोहराई।

इसी विवाद के बीच अब कुलदीप शर्मा के ताजा बयान ने हरियाणा कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति को फिर चर्चा में ला दिया है। उन्होंने भूपेंद्र सिंह हुड्डा को लेकर भी कहा कि राजनीति में उनका अपना स्थान है। शर्मा ने कहा कि उन्होंने पहले भूपेंद्र हुड्डा के मुख्यमंत्री बनने की बात कही थी, लेकिन अब लोग उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बनाना चाहते तो इसमें वह क्या कर सकते हैं।

अपने ऊपर लग रहे आरोपों पर भी शर्मा ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि यदि उन पर भ्रष्टाचार का कोई आरोप है तो लगाया जाए, लेकिन उन्हें बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है।

कांग्रेस नेता जयप्रकाश को लेकर भी शर्मा ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि जयप्रकाश में हिम्मत है तो वह इस संबंध में पत्र दें कि उनके बेटे की शादी का रिसेप्शन सज्जन सिंह के घर पर हुआ था। शर्मा ने कहा कि उस समय जयप्रकाश कुछ नहीं थे।

कुल मिलाकर, कुलदीप शर्मा ने एक ओर कांग्रेस छोड़ने और भाजपा में जाने की चर्चाओं को खारिज किया, वहीं दूसरी ओर पार्टी के भीतर अपनी बात नहीं रख पाने और आंतरिक लोकतंत्र को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए। ऐसे में उनके ताजा बयान को हरियाणा कांग्रेस की मौजूदा अंदरूनी राजनीति में महत्वपूर्ण संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।