पटना। बिहार के बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए राज्य सरकार ने आपदा से जूझ रहे लोगों के जीवन को पटरी पर लाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए मंगलवार को करोड़ों रुपए की सहायता राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर की है।
खातों में ट्रांसफर हुई आनुग्रहिक राशि
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को राज्य के 8.27 लाख बाढ़ पीड़ित परिवारों के बैंक खातों में 7-7 हजार रुपए की आनुग्रहिक (सहायता) राशि भेजी। इस पूरी प्रक्रिया के तहत सरकार ने कुल 579.23 करोड़ रुपए की राशि सीधे तौर पर ट्रांसफर की है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि किसी वास्तविक बाढ़ पीड़ित का नाम इस सूची में छूट गया है, तो उसे एक हफ्ते के भीतर जोड़कर लाभ सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि कोई भी पीड़ित राहत से वंचित नहीं रहना चाहिए।
’बिल्ड बैक बेटर दैन बिफोर’ की तर्ज पर पुनर्निर्माण
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को ‘बिल्ड बैक बेटर दैन बिफोर’ (यानी पहले से बेहतर पुनर्निर्माण) की थीम पर काम करने का निर्देश दिया। इसके लिए एक महीने की डेडलाइन तय की गई है। इस समयावधि में मुख्य रूप से दो प्राथमिकताओं पर फोकस रहेगा:
- प्रभावित किसानों के लिए कृषि इनपुट सब्सिडी का वितरण।
- बाढ़ की वजह से क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की तत्काल मरम्मत।
केंद्रीय टीम का दौरा और सटीक ब्योरा
बुधवार को आपदा प्रभावित क्षेत्रों का मुआयना करने के लिए एक केंद्रीय टीम बिहार आ रही है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इस टीम के सामने नुकसान का सटीक ब्योरा और विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए, ताकि राज्य को केंद्र से उचित और पूरी सहायता मिल सके।
बाढ़ का दायरा, फसल क्षति और राहत कार्य
प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार इस बार बाढ़ ने राज्य के एक बड़े हिस्से को अपनी चपेट में लिया है:
- प्रभावित क्षेत्र: 15 जिले, 88 प्रखंड, 575 पंचायतें, 2,642 गांव और 21 शहरों के 136 वार्ड।
- जनसंख्या व कृषि: इस आपदा से लगभग 50 लाख लोग प्रभावित हुए हैं, जबकि 55 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि की फसल पर बहुत बुरा असर पड़ा है।
- राहत और बचाव: राहत कार्यों के तहत एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की 21 टीमें मैदान में तैनात हैं। इसके अलावा, 1,200 से अधिक कम्युनिटी किचन के माध्यम से अब तक 1.28 करोड़ थालियां जरूरतमंदों को परोसी जा चुकी हैं।



