हरियाणा सरकार ग्रामीण इलाकों को टूरिज्म हब बनाने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में फार्म टूरिज्म और होम स्टे को उद्योग का दर्जा देकर युवाओं के लिए घर बैठे कमाई के रास्ते खोले जा रहे हैं। इसके लिए जल्द ही एक आसान और पारदर्शी पॉलिसी लागू की जाएगी।

कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा के गांव अब सिर्फ खेती-बाड़ी तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि वे कमाई के बड़े केंद्र (Business Hub) बनेंगे। राज्य सरकार ‘फार्म टूरिज्म’ और ‘होम स्टे’ को बड़े स्तर पर प्रमोट करने जा रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी इस योजना में खुद रुचि ले रहे हैं। हाल ही में हुई एक हाई-लेवल मीटिंग में डॉ. अमित कुमार अग्रवाल ने साफ किया कि इस सेक्टर का ग्लोबल मार्केट (Global Market) करीब 5000 करोड़ रुपये का है। सरकार का लक्ष्य है कि हरियाणा के युवा अपने ही गांव में रहकर इस बाजार का फायदा उठाएं और उन्हें नौकरी के लिए बाहर न भटकना पड़े।

5 दिन में मांगी समस्याएं, जल्द आएगी नई पॉलिसी

पर्यटन विभाग अब एक ऐसी मजबूत पॉलिसी (Comprehensive Policy) बनाने जा रहा है जो कैबिनेट से मंजूर होने के बाद सीधे लागू होगी। अधिकारियों ने सभी संचालकों से 5 दिन के भीतर उनकी समस्याओं और सुझावों की लिस्ट मांगी है। खास बात यह है कि इस पूरी स्कीम को ‘सेवा का अधिकार’ (Right to Service Act) के तहत लाया जाएगा। इसका मतलब है कि लाइसेंस, परमिशन और अन्य सरकारी सुविधाएं अब एक तय समय सीमा के अंदर मिलेंगी। सरकार अन्य राज्यों के सफल मॉडल्स का अध्ययन कर रही है ताकि हरियाणा में सबसे बेहतर और व्यावहारिक ढांचा तैयार किया जा सके।

पर्यटन के नक्शे पर चमकेगा देहात

इस पहल से हरियाणा के ग्रामीण इलाकों को पर्यटन (Tourism) के नक्शे पर एक नई पहचान मिलेगी। जब शहरों के लोग गांवों में आकर रुकेंगे, तो वहां के युवाओं के लिए घर बैठे ही रोजगार (Employment) के हजारों नए रास्ते खुलेंगे। इससे न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को भी बढ़ावा मिलेगा। अगर यह योजना सही ढंग से जमीन पर उतरती है, तो वह दिन दूर नहीं जब हरियाणा के गांव अपनी संस्कृति और मेहमाननवाजी के दम पर दुनिया भर के पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करेंगे।