सोनीपत। रेल मंत्रालय ने देश की पहली हाइड्रोजन ईंधन से चलने वाली 10 कोच की डीएमयू ट्रेन को जींद और सोनीपत के बीच चलाने की मंजूरी दे दी है। यह ट्रेन अधिकतम 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी।

यह अत्याधुनिक ट्रेन डीजल या पारंपरिक बिजली आधारित इंजन की बजाय हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक से बिजली उत्पादन करेगी। ट्रेन की कुल विद्युत क्षमता 1200 किलोवाट बताई गई है।

ट्रेन में ‘डिस्ट्रीब्यूटेड पावर रोलिंग स्टॉक’ (DPRS) तकनीक का उपयोग
ट्रेन में ‘डिस्ट्रीब्यूटेड पावर रोलिंग स्टॉक’ (DPRS) तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इस तकनीक में पूरी विद्युत शक्ति किसी एक इंजन में केंद्रित न होकर ट्रेन के अलग-अलग हिस्सों में वितरित रहती है, जिससे संचालन अधिक प्रभावी और ऊर्जा दक्ष बनता है।

रेल मंत्रालय की यह मंजूरी रिसर्च डिजाइन्स एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गेनाइजेशन (RDSO) से तकनीकी स्वीकृति और रेल सुरक्षा आयुक्त (CCRS) द्वारा सुरक्षा परीक्षण पूरे होने के बाद दी गई है।

ट्रायल के बाद होगा संचालन
हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मंजूरी मिलने का मतलब तत्काल संचालन शुरू होना नहीं है। ट्रेन के नियमित संचालन से पहले कई तकनीकी अनुपालन और सुरक्षा सत्यापन प्रक्रियाएं अभी बाकी हैं।इस परियोजना को भारतीय रेलवे की हरित और आधुनिक परिवहन व्यवस्था की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है