चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने विज्ञापन संख्या 04/2018 के तहत नियुक्त ग्रुप-डी कर्मचारियों के हित में बड़ा निर्णय लिया है। सरकार ने ऐसे कर्मचारियों को एकमुश्त अवसर देते हुए यह विकल्प दिया है कि वे कॉमन कैडर (Common Cadre) में बने रहना चाहते हैं या उससे बाहर निकलकर अपने-अपने विभागों के सेवा नियमों के तहत कार्य करना चाहते हैं। इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल 6 जुलाई से 20 जुलाई, 2026 तक खुला रहेगा।

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने इस संबंध में सभी विभागाध्यक्षों और प्रशासनिक सचिवों को पत्र जारी कर आवश्यक निर्देश दिए हैं। विकल्प दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी तरह ओटीपी आधारित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से होगी। कर्मचारी केवल मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली (HRMS) में पंजीकृत अपने मोबाइल नंबर के जरिए ही पोर्टल पर लॉग-इन कर सकेंगे और अपना विकल्प दर्ज कर पाएंगे।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई पात्र कर्मचारी 20 जुलाई तक अपना विकल्प दर्ज नहीं करता है, तो इसे उसकी कॉमन कैडर में बने रहने की सहमति माना जाएगा। ऐसे कर्मचारियों को बाद में अलग से कोई अवसर नहीं दिया जाएगा।

सरकार के अनुसार यह व्यवस्था हरियाणा ग्रुप-डी कर्मचारी अधिनियम, 2018 के तहत लागू की गई है। यह अधिनियम 28 मार्च, 2018 या उसके बाद नियुक्त सभी ग्रुप-डी कर्मचारियों पर लागू होता है। जो कर्मचारी कॉमन कैडर में बने रहने का विकल्प चुनेंगे, वे अधिनियम-2018 के प्रावधानों के तहत ही कार्य करेंगे, जबकि कॉमन कैडर से बाहर आने वाले कर्मचारियों पर उनके संबंधित विभागों के सेवा नियम लागू होंगे।

सरकार के इस फैसले से हजारों ग्रुप-डी कर्मचारियों को अपने भविष्य और सेवा ढांचे को लेकर एक बार अपनी पसंद चुनने का अवसर मिलेगा। अब कर्मचारियों को 6 से 20 जुलाई के बीच निर्धारित समयावधि में ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर अपना विकल्प अनिवार्य रूप से दर्ज करना होगा।