कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़| हरियाणा के एनसीआर (नेशनल कैपिटल रीजन) क्षेत्र को लेकर चल रही तमाम अटकलों और चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बड़ा और स्पष्ट संदेश दे दिया है। अब हरियाणा के किसी भी जिले को एनसीआर क्षेत्र से बाहर नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद उन तमाम चर्चाओं पर विराम लग गया है, जिनमें यह कहा जा रहा था कि प्रदेश के कुछ दूरदराज जिलों को एनसीआर के दायरे से बाहर किया जा सकता है।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (NCRPB) की उच्च स्तरीय बैठक के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार ने स्पष्ट निर्णय लिया है कि राज्य के मौजूदा एनसीआर क्षेत्र में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया जाएगा। यानी जो जिले फिलहाल एनसीआर का हिस्सा हैं, वे पहले की तरह इस दायरे में बने रहेंगे। मुख्यमंत्री के इस बयान को प्रदेश के कई जिलों के लिए राहत भरे संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।
दरअसल, पिछले कुछ समय से यह चर्चा तेज थी कि एनसीआर की सीमा को लेकर पुनर्विचार हो सकता है और हरियाणा के कुछ ऐसे जिले, जो दिल्ली से काफी दूरी पर हैं, उन्हें एनसीआर से बाहर किया जा सकता है। इस संभावना को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी बहस चल रही थी, क्योंकि एनसीआर क्षेत्र में शामिल होने से विकास परियोजनाओं, इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश, परिवहन और शहरी सुविधाओं को लेकर कई विशेष अवसर मिलते हैं। ऐसे में किसी जिले को एनसीआर से बाहर किए जाने की आशंका स्थानीय लोगों और उद्योग जगत के लिए चिंता का विषय बनी हुई थी।
मुख्यमंत्री नायब सैनी के ताजा बयान ने अब इस बहस को लगभग खत्म कर दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सरकार का यह फैसला उन जिलों के लिए अहम माना जाएगा, जहां लोग लंबे समय से एनसीआर की सुविधाओं और विकास योजनाओं का लाभ मिलने की उम्मीद से जुड़े रहे हैं।
एनसीआर क्षेत्र में शामिल जिलों को क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, परिवहन नेटवर्क, शहरी विकास, औद्योगिक निवेश और रोजगार के अवसरों में अपेक्षाकृत अधिक लाभ मिलने की संभावना रहती है। यही वजह है कि एनसीआर की सीमा में बदलाव की चर्चाएं हमेशा संवेदनशील मानी जाती हैं।
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद अब यह साफ हो गया है कि हरियाणा सरकार फिलहाल एनसीआर की मौजूदा सीमा को यथावत रखने के पक्ष में है। ऐसे में प्रदेश के एनसीआर जिलों के लोगों, उद्योगों और निवेशकों को एक तरह से स्थिरता का संदेश मिला है।

अब बड़ा सवाल यह है कि क्या इस फैसले के बाद एनसीआर क्षेत्र के विकास को लेकर नई योजनाओं और निवेश की रफ्तार भी तेज होगी? फिलहाल, मुख्यमंत्री के एक बयान ने लंबे समय से चल रही अटकलों पर पूरी तरह विराम जरूर लगा दिया है।
- वर्चस्व की जंग में खूनी संघर्ष: करणी सेना के दो गुट आपस में भिड़े, 2 की मौत और 2 गंभीर घायल
- Realme P4s 5G भारत में लॉन्च : 8,000mAh की तगड़ी बैटरी, जानिए कीमत और फीचर्स …
- Durg-Bhilai-Rajnandgaon News Update: व्यस्त मार्गों पर धरना-प्रदर्शन, रैली पर प्रतिबंध… पेंशन कार्ड के नाम पर पीडब्ल्यूडी अभियंता से 8 लाख की ठगी… हास्टलों में घटिया जिम सामग्री की सप्लाई…
- MMDR एक्ट संशोधन को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर बरसी बीजेडी, 1 लाख करोड़ का राजस्व गंवाने का लगाया आरोप …
- दिल्ली में 21 वर्षीय मॉडल की हत्या, घर में घुसकर इमरान ने किया हमला; पुलिस तलाश में जुटी


