चंडीगढ़। हरियाणा में धान खरीद सीजन के दौरान अब तक 43.35 लाख मीट्रिक टन धान मंडियों में पहुंच चुका है। यह केंद्र सरकार की ओर से तय 58 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य का करीब 75% है। 31 अक्टूबर 2026 को सुबह 9 बजे तक सरकारी एजेंसियां 38.04 लाख मीट्रिक टन धान खरीद चुकी थीं। किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के रूप में 6,786 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।
खरीदे गए धान में से 30.93 लाख मीट्रिक टन का उठान हो चुका है। यह कुल सरकारी खरीद का करीब 81% है। इस प्रक्रिया से अब तक 2,61,952 किसान लाभान्वित हुए हैं। सरकारी खरीद के अलावा निजी व्यापारियों ने भी 51,955 मीट्रिक टन धान खरीदा है।
अब पछेती धान की आवक का इंतजार
प्रदेश में करीब एक महीने से धान की खरीद जारी है। अब तक करीब 75% धान मंडियों में पहुंच चुका है। अब पछेती रोपाई वाले धान की आवक बाकी है। फिलहाल कुल आवक तय लक्ष्य से करीब 15 लाख मीट्रिक टन कम है।
अनुमान है कि सीजन के दौरान मंडियों में धान की कुल आवक 50 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच सकती है। हालांकि, यह आंकड़ा अभी अनुमानित है।
खाद्य आपूर्ति विभाग ने सबसे ज्यादा खरीदा धान
सरकारी एजेंसियों में खाद्य आपूर्ति विभाग खरीद के मामले में सबसे आगे है। विभाग ने अब तक 20.20 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा है। यह उसके 23.20 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य का 87% है। विभाग 16.84 लाख मीट्रिक टन धान का उठान भी कर चुका है।
हैफेड ने 11.63 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा है। यह उसके 23.20 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य का 50% है। एजेंसी ने 9.56 लाख मीट्रिक टन धान का उठान किया है।
वहीं, हरियाणा राज्य भंडारण निगम ने 6.21 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा है। यह उसके 11.60 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य का 54% है। निगम 4.53 लाख मीट्रिक टन धान का उठान कर चुका है।
निजी व्यापारियों ने 51,955 टन धान खरीदा
सरकारी एजेंसियों के अलावा निजी व्यापारियों ने भी 51,955 मीट्रिक टन धान खरीदा है। निजी खरीद का औसत भाव 2,516 रुपये प्रति क्विंटल रहा। अलग-अलग सौदों में यह भाव 2,461 से 2,965 रुपये प्रति क्विंटल तक दर्ज किया गया।
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