चंडीगढ़, 22 जुलाई। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा विजन@2047 को धरातल पर उतारने के लिए प्रदेश में उद्योग, स्टार्टअप और MSME क्षेत्र को नई गति दी जा रही है। सरकार का लक्ष्य है कि हर जिले में स्टार्टअप्स को बढ़ावा मिले और नया कारोबार शुरू करने वाले उद्यमियों को किसी भी प्रकार की प्रशासनिक बाधा का सामना न करना पड़े।

मुख्यमंत्री बुधवार को सिविल सचिवालय में विजन-टू-एक्शन प्लान को लेकर MSME, उद्योग, स्टार्टअप और HSIIDC के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।

बरवाला में बनेगा विशेष वुडन जोन

मुख्यमंत्री ने बरवाला क्षेत्र में विशेष वुडन जोन और वुडन मार्केट विकसित करने के निर्देश दिए। यहां आधुनिक शोरूम बनाए जाएंगे, जिससे स्थानीय लोगों की आय बढ़ने के साथ रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।

उन्होंने प्रदेश के प्रत्येक जिले में स्वदेशी मेलों के आयोजन के लिए कैलेंडर तैयार करने को कहा। राखी निर्माण के क्षेत्र में स्वयं सहायता समूहों को बड़े स्तर पर जोड़कर उनके उत्पादों को वॉलमार्ट और एमेजॉन जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से वैश्विक बाजार उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।

कारोबारी मंजूरियों का समय होगा कम

व्यापार सुगमता बढ़ाने के लिए राज्य में राज्य नवाचार एवं MSME परिषद तथा स्टार्टअप एडवाइजरी काउंसिल हरियाणा का गठन किया जाएगा।

पुनर्गठित सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम के माध्यम से व्यावसायिक स्वीकृतियों का समय 45 दिन से घटाकर 30 दिन किया जाएगा। भविष्य में इस समय को 50 प्रतिशत तक कम करने का लक्ष्य रखा गया है। हर जिले में स्टार्टअप्स को हैंड होल्डिंग सहायता देने के लिए समर्पित स्टार्टअप संपर्क अधिकारी भी तैनात किए गए हैं।

10 नए पद्मा क्लस्टर और 2,000 करोड़ का स्टार्टअप फंड

बैठक में बताया गया कि ‘पद्मा’ योजना के तहत प्रदेश के विभिन्न जिलों में 10 नए औद्योगिक क्लस्टर स्थापित किए जा रहे हैं। स्टार्टअप्स के लिए वृद्धि पूंजी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 2,000 करोड़ रुपये का हरियाणा स्टार्टअप फंड ऑफ फंड्स स्थापित किया जा रहा है। वहीं, 250 करोड़ रुपये का आत्मनिर्भर स्टार्टअप वेंचर फंड पहले ही शुरू किया जा चुका है।

100 ग्रामीण क्षेत्रों में खुलेंगे विशेष कौशल केंद्र

कौशल विकास विभाग के सहयोग से 100 उच्च क्षमता वाले ग्रामीण क्षेत्रों की पहचान कर विशेष कौशल केंद्र खोले जाएंगे। इनमें हिसार में बीड्स निर्माण, पानीपत में हथकरघा, करनाल में कृषि उपकरण और डेयरी तथा यमुनानगर में पॉटरी जैसे स्थानीय उद्योगों से जुड़े कौशल पर फोकस किया जाएगा।

PM सेतु योजना के तहत ITI में नए पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। कम से कम 25 उद्योग-संचालित ITI निजी उद्योगों द्वारा गोद लिए जाएंगे, ताकि 70 प्रतिशत से अधिक युवाओं को सीधे रोजगार उपलब्ध कराया जा सके।

2,000 से अधिक MSME को सोलर रूफटॉप पर प्रोत्साहन

नई नीति के तहत सोलर रूफटॉप अपनाने वाले 2,000 से अधिक MSME को वित्तीय प्रोत्साहन दिया जाएगा। पानीपत में 10,000 TPA क्षमता का ग्रीन हाइड्रोजन प्रोजेक्ट भी स्थापित किया जा रहा है।

महिला उद्यमिता के लिए 11.5 करोड़ रुपये आरक्षित

महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए महिला उद्यमिता मंच के तहत 11.5 करोड़ रुपये आरक्षित किए गए हैं। इससे 500 से 600 इच्छुक महिला उद्यमियों को मेंटरिंग और वित्तीय लिंकेज उपलब्ध कराया जाएगा। औद्योगिक क्षेत्रों में बाल देखभाल केंद्र स्थापित करने की योजना भी है।

बैठक में बताया गया कि कुरुक्षेत्र, हिसार और रोहतक को तिरुवनंतपुरम के टेक्नोपार्क मॉडल की तर्ज पर वैकल्पिक IT हब के रूप में विकसित किया जाएगा। वहीं, हरित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए मेक इन हरियाणा इंडस्ट्रियल पॉलिसी 2026 और हरियाणा प्रगतिशील MSME एवं निर्यात संवर्धन नीति 2026 के माध्यम से निवेश आकर्षित किया जाएगा।

बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान मुख्य सचिव राजेश खुल्लर, प्रधान सचिव अरुण गुप्ता, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डा. अमित अग्रवाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।