मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चंडीगढ़ में पंजाब सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने हरियाणा के विकास मॉडल और 'आरक्षण के भीतर आरक्षण' नीति को सुशासन का असली उदाहरण बताया

कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब की राजनीति और वहां की सरकार पर तीखा हमला बोला है। चंडीगढ़ (Chandigarh) में राय सिख समाज के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि हरियाणा और पंजाब के बीच अब विकास का बड़ा अंतर साफ दिखने लगा है। उन्होंने दावा किया कि जहां हरियाणा सरकार ने अपनी हर घोषणा को धरात पर उतारकर दिखाया है, वहीं पंजाब में सरकार केवल बड़े-बड़े वादों तक ही सीमित रह गई है। मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि हरियाणा का मॉडल ‘काम’ पर आधारित है, जबकि पड़ोसी राज्य में केवल कागजी राजनीति हो रही है।

वंचित वर्गों को हक और नशे पर प्रहार

मुख्यमंत्री ने हरियाणा की ‘आरक्षण के अंदर आरक्षण’ नीति का जिक्र करते हुए इसे सुशासन का बेहतरीन उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि राय सिख समाज जैसे वंचित वर्गों को उनका असली हक हरियाणा में ही मिल रहा है। पंजाब की कानून-व्यवस्था और नशे की समस्या पर हमला बोलते हुए सीएम सैनी ने कहा कि अगर वहां बीजेपी की सरकार आती है, तो नशा तस्करों को राज्य छोड़कर भागना पड़ेगा। उनके अनुसार, भाजपा की राजनीति केवल वोट बैंक के लिए नहीं, बल्कि समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को सम्मान दिलाने के लिए है।

राष्ट्र सेवा और विकास का संकल्प

हरियाणा और पंजाब में विकास की जंग हरियाणा और पंजाब में विकास की जंग राय सिख समाज की कुर्बानी और राष्ट्र सेवा की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने दोहराया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सोच बदली है। अब किसी भी समाज की पहचान उसके परिश्रम से होती है, न कि अतीत से। उन्होंने स्पष्ट किया कि हरियाणा सरकार सभी वर्गों को साथ लेकर चलने और उनकी सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध है। अंत में उन्होंने कहा कि हरियाणा का विकास मॉडल आज दूसरे राज्यों के लिए एक मिसाल बन गया है, जहां घोषणाएं नहीं बल्कि परिणाम बोले जाते हैं।