चंडीगढ़ | हरियाणा में अब कचरा सिर्फ एक समस्या नहीं, बल्कि ऊर्जा और संसाधन का बड़ा जरिया बनने जा रहा है। राज्य सरकार ने प्रदेश में चार इंटीग्रेटेड वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट स्थापित करने के लिए ऑयल ग्रीन एनर्जी लिमिटेड के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत हिसार, अंबाला, फरीदाबाद और गुरुग्राम क्लस्टर में 4 बड़े वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट लगाए जाएँगे।

5 हजार टन कचरे से प्रतिदिन बनेगी 50 मेगावाट बिजली

इन चार अत्याधुनिक प्लांटों में रोजाना लगभग 5 हजार टन कचरे को वैज्ञानिक तरीके से प्रोसेस किया जाएगा। इस रिसाइक्लिंग प्रक्रिया से कुल 50 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा। इस योजना में सबसे बड़ा प्लांट गुरुग्राम में स्थापित किया जाएगा। वहीं हिसार क्लस्टर के तहत आने वाले हिसार, हांसी, फतेहाबाद और जींद के शहरी स्थानीय निकायों का पूरा कचरा वैज्ञानिक विधि से प्रोसेस किया जाएगा। सरकार ने इन सभी चारों प्लांटों को अक्टूबर 2028 तक पूरी तरह से शुरू करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

84 शहरी निकायों में घर-घर कूड़ा उठाने के ठेके पूरे

प्रदेश के शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि इन परियोजनाओं से शहरों में लंबे समय से चली आ रही सफाई और कचरा निस्तारण की समस्याओं का स्थायी समाधान निकलेगा। उन्होंने जानकारी दी कि प्रदेश के कुल 87 शहरी निकायों में से 84 में घर-घर से कूड़ा उठाने (डोर-टू-डोर गारबेज कलेक्शन) के लिए ठेके दिए जा चुके हैं।

ऑनलाइन तकनीक से होगी सफाई कर्मचारियों और कूड़े की मॉनिटरिंग

कचरा प्रबंधन की इस पूरी व्यवस्था को अब आधुनिक तकनीक से जोड़ा जा रहा है। डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम लागू होने से यह ऑनलाइन पता चल सकेगा कि किस घर से कूड़ा उठाया गया है और किस इलाके में सफाई कर्मचारी नहीं पहुँचे हैं। इस कदम से व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी और सफाई कर्मियों की जवाबदेही तय की जा सकेगी।

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