शब्बीर अहमद, भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य में चल रही जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रभावशीलता, प्रासंगिकता और उनके वास्तविक क्रियान्वयन का आकलन करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक हाई लेवल कमेटी का गठन किया गया है, जो लाडली बहना योजना सहित विभिन्न विभागों की प्रमुख योजनाओं की गहन समीक्षा करेगी। यह कमेटी अगले एक महीने के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट शासन को सौंपेगी।
5 विभागों के बड़े अधिकारी कमेटी में शामिल
योजनाओं के असर और हितग्राहियों को मिल रहे वास्तविक लाभ की जांच के लिए गठित इस उच्च स्तरीय समिति में शासन के 5 प्रमुख विभागों के अपर मुख्य सचिव (ACS) और प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारी शामिल किए गए हैं। वित्त विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग और संबंधित योजनाबद्ध विभाग।
इन प्रमुख क्षेत्रों और योजनाओं पर रहेगा फोकस
समीक्षा के दायरे में राज्य और केंद्र सरकार की कई महत्वाकांक्षी योजनाओं को शामिल किया गया है, ताकि यह देखा जा सके कि योजनाओं का क्रियान्वयन कितना पारदर्शी और प्रभावी है। महिला एवं बाल विकास: लाड़ली बहना योजना, लाड़ली लक्ष्मी योजना और सक्षम आंगनवाड़ी योजना। कृषि एवं किसान कल्याण: मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, किसान सहायता योजना और सिंचाई के लिए दी जाने वाली बिजली सब्सिडी। सामाजिक सुरक्षा: मुख्यमंत्री संबल योजना और सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाएं। आवास, पेयजल व ऊर्जा: प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन और अटल गृह ज्योति योजना।
स्वास्थ्य एवं शिक्षा
आयुष्मान भारत योजना, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM), समग्र शिक्षा अभियान और विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाएं। समिति का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी खजाने का सही उपयोग हो रहा है या नहीं और योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक सुगमता से पहुंच रहा है।
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