Hockey India notice to Hockey Association of Odisha: हॉकी एसोसिएशन ऑफ ओडिशा (HAO) की चुनाव प्रक्रिया को लेकर विवाद बढ़ गया है। हॉकी इंडिया ने राष्ट्रीय महासंघ के उपनियमों का कथित रूप से पालन नहीं करने के मामले में एचएओ को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साथ ही उसकी स्थायी सदस्यता को एसोसिएट सदस्य में बदलने का प्रस्ताव रखा गया है। यह फैसला छह अक्टूबर को हुई हॉकी इंडिया की कार्यकारी समिति की बैठक में लिया गया।
मामला उस समय सामने आया जब तीन अक्टूबर को प्रस्तावित एचएओ के चुनाव निर्वाचन अधिकारी की प्रतिकूल रिपोर्ट के बाद रोक दिए गए। अब हॉकी इंडिया ने चुनाव प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों और ओडिशा की जिला इकाइयों की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल उठाए हैं।
30 जिला इकाइयों पर भी सवाल
हॉकी इंडिया ने एचएओ के खिलाफ कुल आठ बिंदुओं पर आपत्ति जताई है। इनमें ओडिशा की 30 जिला हॉकी इकाइयों के कामकाज से जुड़े मुद्दे भी शामिल हैं।
महासंघ के मुताबिक, इन जिला इकाइयों में अध्यक्ष और सचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर चुनाव से चुने गए पदाधिकारियों के बजाय जिला मजिस्ट्रेट और उप-कलेक्टर जैसे प्रशासनिक अधिकारियों को पदेन जिम्मेदारी दी गई है। हॉकी इंडिया ने इसी व्यवस्था की वैधता पर सवाल उठाया है।
महासंघ का कहना है कि किसी भी जिला इकाई की ओर से चुनाव का नोटिस, बैठक की कार्यवाही या चुनाव परिणाम से जुड़े दस्तावेज जमा नहीं किए गए। ऐसे में यह पुष्टि नहीं हो सकी कि इन जिला संघों की संचालन समितियां वैध चुनाव प्रक्रिया के जरिए गठित हुई थीं।
चुनाव की अंतिम मतदाता सूची भी नहीं बनी
हॉकी इंडिया के मुताबिक, जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने का असर एचएओ की चुनाव प्रक्रिया पर भी पड़ा। जिला इकाइयों से जुड़े रिकॉर्ड नहीं मिलने के कारण चुनाव के लिए अंतिम मतदाता सूची तैयार नहीं हो सकी।
अब हॉकी इंडिया ने हॉकी एसोसिएशन ऑफ ओडिशा को दो सप्ताह का समय दिया है। इस अवधि में एचएओ को चुनाव प्रक्रिया से जुड़े विस्तृत दस्तावेज, चुनाव कराए जाने के प्रमाण और जरूरी वैधानिक मंजूरियां पेश करनी होंगी।
दस्तावेज नहीं दिए तो आगे बढ़ेगा मामला
हॉकी इंडिया ने साफ किया है कि तय समय में जरूरी दस्तावेज और स्पष्टीकरण नहीं मिलने पर एचएओ के खिलाफ औपचारिक कार्रवाई की जा सकती है। इसके बाद मामला हॉकी इंडिया की संबद्धता समिति के पास जाएगा।
संबद्धता समिति की प्रक्रिया के बाद हॉकी इंडिया की आम सभा में एचएओ की स्थायी सदस्यता को एसोसिएट सदस्यता में बदलने पर फैसला हो सकता है। यानी फिलहाल सदस्यता में बदलाव अंतिम रूप से नहीं हुआ है, बल्कि नोटिस और आगे की प्रक्रिया के बाद इस पर निर्णय लिया जाना है।
हॉकी ओडिशा के महासचिव ने कार्रवाई का स्वागत किया
इस बीच हॉकी ओडिशा के महासचिव प्रताप सत्पथी ने हॉकी इंडिया की इस कार्रवाई का स्वागत किया है। उन्होंने ओडिशा के मुख्यमंत्री से मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है।
सत्पथी ने राज्य में हॉकी के प्रशासन को पारदर्शी बनाने की दिशा में कदम उठाने की मांग की है। अब एचएओ के जवाब और उसके बाद हॉकी इंडिया की संबद्धता समिति की प्रक्रिया पर नजर रहेगी।
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