Hockey World Cup 2026: हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय पुरुष हॉकी टीम को बड़ा झटका लगा है। दूसरे चरण के अहम मुकाबले में मेजबान और मौजूदा ओलंपिक चैंपियन नीदरलैंड ने भारत को 3-1 से हरा दिया। अम्स्टेलवीन के वैगनर स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में भारत ने पहले दो क्वार्टर में शानदार रक्षात्मक खेल दिखाया और हाफ टाइम तक मुकाबला गोलरहित रखा, लेकिन दूसरे हाफ में नीदरलैंड ने लगातार दबाव बनाते हुए तीन गोल दाग दिए।
इस हार के बाद भारत की सेमीफाइनल की राह जरूर मुश्किल हो गई है, लेकिन टीम अभी पूरी तरह दौड़ से बाहर नहीं हुई है। भारत को अब अपने अगले मुकाबले में अर्जेंटीना को हराना होगा। दूसरे चरण में भारत, नीदरलैंड, इंग्लैंड और अर्जेंटीना पूल E में हैं और इस पूल से शीर्ष दो टीमें ही सेमीफाइनल में पहुंचेंगी।
पहले दो क्वार्टर में भारत ने रोका नीदरलैंड का रास्ता
मुकाबले की शुरुआत से ही नीदरलैंड ने आक्रामक रुख अपनाया। घरेलू दर्शकों के सामने खेल रही डच टीम ने भारतीय सर्कल में लगातार प्रवेश किया और पेनल्टी कॉर्नर के मौके भी बनाए। हालांकि भारतीय डिफेंस ने शुरुआती दबाव का अच्छी तरह सामना किया।
भारत ने भी सिर्फ बचाव तक खुद को सीमित नहीं रखा। टीम ने गेंद पर कब्जा बनाए रखते हुए जवाबी हमले किए और नीदरलैंड के डिफेंस को परेशानी में डालने की कोशिश की। पहले क्वार्टर के खत्म होने तक दोनों टीमों में से कोई भी गोल नहीं कर सकी।
दूसरे क्वार्टर में भी मुकाबला इसी तरह आगे बढ़ा। नीदरलैंड ने कई बार भारतीय गोल पर हमला किया, लेकिन भारतीय डिफेंस और गोलकीपर ने खतरे को टाल दिया। भारत के पास भी गोल करने के मौके आए, मगर अंतिम पास और फिनिशिंग में कमी के कारण टीम बढ़त नहीं बना सकी।
हाफ टाइम तक स्कोर 0-0 रहा और भारतीय टीम ने मुकाबले को पूरी तरह खुला रखा।
तीसरे क्वार्टर में टूटा गतिरोध
तीसरे क्वार्टर में नीदरलैंड ने भारत पर दबाव और बढ़ा दिया। लंबे समय तक गोल से दूर रहने के बाद मेजबान टीम आखिरकार 40वें मिनट में खाता खोलने में सफल रही।
नीदरलैंड के हमले के दौरान ड्यूको टेलगेनकैंप ने गेंद को गोल में पहुंचाकर अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। गोल के बाद भारतीय टीम ने बराबरी के लिए प्रयास किए, लेकिन डच टीम ने खेल की गति पर अपनी पकड़ बनाए रखी।
भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह रही कि टीम को नीदरलैंड के सर्कल में लगातार हमले बनाने में परेशानी हुई। तीसरे क्वार्टर के अंत तक मेजबान टीम 1-0 से आगे रही।
चौथे क्वार्टर में नीदरलैंड ने बढ़ाई बढ़त
चौथे क्वार्टर की शुरुआत भारत के लिए अच्छी नहीं रही। नीदरलैंड ने लगातार दबाव बनाए रखा और 50वें मिनट में अपनी बढ़त दोगुनी कर दी। थाइस होडेमेकर्स ने गोल करते हुए स्कोर 2-0 कर दिया।
दो गोल से पिछड़ने के बाद भारतीय टीम ने तुरंत वापसी की कोशिश की। भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला और कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने जिम्मेदारी संभाली। भारतीय कप्तान ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर स्कोर 2-1 कर दिया।
हरमनप्रीत के गोल से भारतीय खेमे में उम्मीद जगी। इसके बाद टीम ने बराबरी के लिए आक्रमण तेज किया। भारत ने नीदरलैंड के डिफेंस पर दबाव बनाने की कोशिश की और कुछ अच्छे मौके भी बनाए।
थाइस वान डैम ने भारत की वापसी की उम्मीद तोड़ी
भारत की बराबरी की कोशिशों के बीच नीदरलैंड ने एक बार फिर हमला किया। 54वें मिनट में थाइस वान डैम ने गोल कर मेजबान टीम को 3-1 की बढ़त दिला दी।
इस गोल के बाद भारतीय टीम पर दबाव और बढ़ गया। कप्तान हरमनप्रीत सिंह को भी मुकाबले के अंतिम हिस्से में चोट के कारण मैदान से बाहर जाना पड़ा, जिससे भारत की मुश्किलें और बढ़ गईं।
आखिरी मिनटों में भारत ने कई बार नीदरलैंड के सर्कल में पहुंचने की कोशिश की, लेकिन डच डिफेंस ने हर हमले को नाकाम कर दिया। अंततः नीदरलैंड ने मुकाबला 3-1 से अपने नाम किया।
भारत के लिए अब अर्जेंटीना मुकाबला अहम
नीदरलैंड के खिलाफ हार के बाद भारत के सामने अब चुनौती काफी बड़ी है। दूसरे चरण के पूल E में इस समय नीदरलैंड और इंग्लैंड के खाते में 3-3 अंक हैं, जबकि भारत और अर्जेंटीना अभी अंकविहीन हैं।
भारत का अगला मुकाबला 24 अगस्त को अर्जेंटीना से होगा। यह मैच भारतीय टीम के लिए बेहद अहम होगा। सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए भारत को हर हाल में मजबूत वापसी करनी होगी।
टूर्नामेंट के नए प्रारूप में शुरुआती पूल का एक-दूसरे के खिलाफ खेला गया मुकाबला दूसरे चरण में भी असर डालता है। भारत को शुरुआती चरण में इंग्लैंड के खिलाफ 2-4 से हार मिली थी, जबकि उसने वेल्स को 3-1 और पाकिस्तान को 5-3 से हराकर दूसरे दौर में जगह बनाई थी। भारत ने पूल D में दूसरे स्थान पर रहते हुए अगले चरण के लिए क्वालीफाई किया।
सेमीफाइनल के लिए क्या है समीकरण?
भारत के लिए स्थिति अब आसान नहीं है, लेकिन उम्मीद अभी बाकी है। भारत को अर्जेंटीना के खिलाफ जीत हासिल करनी होगी और इसके बाद पूल E के बाकी नतीजों तथा गोल अंतर पर भी नजर रखनी होगी। दूसरे चरण में शीर्ष दो स्थान हासिल करने वाली टीमें ही सेमीफाइनल में जाएंगी।
यानी नीदरलैंड के खिलाफ हार के बाद भारत के लिए अब हर गोल और हर अंक महत्वपूर्ण हो गया है। अर्जेंटीना के खिलाफ मुकाबले में सिर्फ जीत ही नहीं, बल्कि बेहतर गोल अंतर भी आगे चलकर अहम भूमिका निभा सकता है।
भारत ने अच्छी शुरुआत को जीत में नहीं बदला
नीदरलैंड के खिलाफ मुकाबले में भारत की सबसे बड़ी सकारात्मक बात शुरुआती दो क्वार्टर का प्रदर्शन रहा। टीम ने दुनिया की मजबूत टीम के खिलाफ लंबे समय तक उसे गोल करने से रोके रखा। लेकिन तीसरे क्वार्टर में एकाग्रता टूटने के बाद नीदरलैंड ने मैच पर पकड़ बना ली।
भारत ने हरमनप्रीत सिंह के गोल के जरिए वापसी की कोशिश जरूर की, लेकिन कुछ ही मिनट बाद नीदरलैंड ने तीसरा गोल कर भारतीय टीम की मुश्किलें बढ़ा दीं।
अब भारतीय टीम के सामने वापसी का आखिरी बड़ा मौका अर्जेंटीना के खिलाफ होगा। सेमीफाइनल की उम्मीदों को जिंदा रखने के लिए टीम को इस मुकाबले में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा। हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में भारत की आगे की राह अब इसी मुकाबले और पूल E के अन्य नतीजों से तय होगी।
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