Lifestyle Desk. बारिश का मौसम आते ही उमस और नमी बढ़ने लगती है। इसका सीधा असर हमारी त्वचा पर भी दिखाई देता है। कई लोगों की स्किन इस दौरान ज्यादा ऑयली नजर आती है, जिससे चेहरे पर चिपचिपाहट, बंद पोर्स और पिंपल्स की समस्या बढ़ सकती है। ऐसे में त्वचा की अतिरिक्त चिकनाई कम करने के लिए मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल काफी लोकप्रिय है। हालांकि, मानसून में इसे बार-बार चेहरे पर लगाना हर किसी के लिए फायदेमंद नहीं होता। सही समय और सही तरीके से इस्तेमाल करने पर ही मुल्तानी मिट्टी त्वचा के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।

मानसून में मुल्तानी मिट्टी क्यों लगाई जाती है?

मुल्तानी मिट्टी त्वचा से अतिरिक्त तेल और गंदगी को सोखने में मदद कर सकती है। यही वजह है कि ऑयली स्किन वाले लोग इसे फेस पैक के तौर पर इस्तेमाल करते हैं। बारिश के मौसम में पसीना और नमी के कारण चेहरा अधिक तैलीय महसूस हो सकता है, इसलिए कभी-कभार मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल त्वचा को फ्रेश और साफ महसूस करा सकता है।

लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि ऑयली स्किन को रोज मुल्तानी मिट्टी की जरूरत होती है। बहुत ज्यादा इस्तेमाल करने से त्वचा की प्राकृतिक नमी कम हो सकती है और रूखापन, खिंचाव या जलन जैसी परेशानी हो सकती है।

कब लगानी चाहिए मुल्तानी मिट्टी?

मानसून में मुल्तानी मिट्टी लगाने का कोई एक निश्चित समय सभी के लिए सही नहीं होता। अगर आपकी त्वचा ऑयली है, तो इसे चेहरे पर तब लगाया जा सकता है जब त्वचा बहुत ज्यादा तैलीय या चिपचिपी महसूस हो रही हो। आमतौर पर सप्ताह में एक बार से शुरुआत करना बेहतर रहता है। जरूरत और त्वचा की सहनशीलता के अनुसार ही इसका इस्तेमाल बढ़ाएं।

फेस पैक को बहुत देर तक चेहरे पर सूखने के लिए छोड़ने की जरूरत नहीं है। जब पैक हल्का सूखने लगे, तब इसे सामान्य पानी से धीरे-धीरे धो लें। चेहरे को रगड़ने से बचें।

ऐसे करें मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल

मुल्तानी मिट्टी को केवल पानी के साथ लगाने के बजाय त्वचा के अनुसार इसमें गुलाब जल या किसी उपयुक्त मॉइस्चराइजिंग सामग्री का इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, संवेदनशील या बहुत ड्राई स्किन वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। पहली बार इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट करना भी बेहतर है।

फेस पैक हटाने के बाद चेहरे पर हल्का मॉइस्चराइजर जरूर लगाएं। दिन के समय बाहर निकलना हो तो सनस्क्रीन का इस्तेमाल भी करें।

इन लोगों को बरतनी चाहिए सावधानी

अगर आपकी त्वचा पहले से बहुत रूखी, संवेदनशील, लाल या जलन वाली है, तो मुल्तानी मिट्टी से समस्या बढ़ सकती है। इसी तरह चेहरे पर सक्रिय मुंहासे, घाव या किसी तरह की त्वचा संबंधी परेशानी होने पर घरेलू नुस्खे आजमाने से पहले त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m