सतीश सिंह, लखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार की मुफ्त आईएएस-पीसीएस आवासीय कोचिंग योजना (IAS-PCS Residential Coaching Scheme) आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन मेधावी युवाओं के लिए उम्मीद की नई किरण बन रही है. इस योजना के तहत 5 जुलाई को प्रदेश के सभी मंडलों में प्रवेश परीक्षा आयोजित होगी, जिसमें 10,175 अभ्यर्थी हिस्सा लेंगे. चयनित छात्रों की काउंसलिंग के बाद 1 अगस्त से कक्षाएं शुरू होंगी, जो 31 मई 2027 तक चलेंगी.
समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित इस योजना के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को निशुल्क कोचिंग, आवास और भोजन की सुविधा दी जा रही है. जिसमे प्रदेश के सात आवासीय कोचिंग केंद्रों में कुल 865 छात्रों को मुफ्त तैयारी का अवसर मिलेगा. खास बात यह है कि 25 प्रतिशत सीटें ऐसे अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित हैं, जो पहले ही प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके हैं और लेटरल एंट्री के जरिए प्रवेश लेना चाहते हैं.
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योजना महज कोचिंग तक सीमित नहीं
चयनित विद्यार्थियों को रहने और खाने के साथ-साथ पुस्तकें, अध्ययन सामग्री तथा अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन भी निशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा. समाज कल्याण विभाग के निदेशक संजीव सिंह ने बताया कि यह योजना केवल कोचिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों के युवाओं को प्रशासनिक सेवाओं में आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है. निजी संस्थानों में महंगी कोचिंग का खर्च वहन नहीं कर पाने वाले छात्रों के लिए यह योजना बड़ा सहारा साबित हो रही है.

