Dharm Desk – कई लोग अक्सर कहते हैं कि उनके हाथ में खाने का स्वाद ही नहीं है। मेहनत और अच्छी सामग्री के बावजूद खाना वैसा स्वादिष्ट नहीं बन पाता, जैसा वे या परिवार के लोग चाहते हैं। अगर आपको भी ऐसा लगता है कि आपके हाथ का खाना स्वादिष्ट नहीं बनता, तो रसोई में मां अन्नपूर्णा से जुड़ा यह आसान उपाय करके देख सकते हैं। मां अन्नपूर्णा अन्न, पोषण और समृद्धि की देवी है। मान्यता है कि रसोई में उनका उचित स्थान और सही तरीके से तस्वीर स्थापित करने से भोजन में स्वाद के साथ घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली बनी रहती है।

घरों में किचन को हमेशा से खास जगह दी जाती है। सनातन परंपरा में इसे सिर्फ खाना बनाने का स्थान नहीं माना जाता बल्कि इसे घर का एक पवित्र भाग माना गया है। इसलिए किचन की साफ-सफाई और वहां रखी चीजों को लेकर भी कई तरह की धार्मिक मान्यताएं जुड़ी हुई हैं। यदि किचन का माहौल शुद्ध और आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर हो तो वहा बनने वाला भोजन भी सात्विक और सेहतमंद बनता है। रसोई में देवी अन्नपूर्णा की फोटो लगाते समय कुछ विशेष नियमों का पालन करना महत्वपूर्ण माना गया है।
तस्वीर और दिशा, दोनों का रखें ध्यान
रसोई घर में मा अन्नपूर्णा की ऐसी फोटो लगानी चाहिए जिसमें वे भगवान शंकर को भिक्षा दे रही हों। यह स्वरूप उदारता पोषण और कभी न समाप्त होने वाले अन्न भंडार का प्रतीक है।
उचित दिशा का चुनाव
वास्तु परंपरा के अनुसार इस पवित्र तस्वीर को रसोई के आग्नेय कोण दक्षिण-पूर्व दिशा में स्थापित करना सबसे ज्यादा शुभ होता है। यह दिशा अग्नि तत्व की मानी जाती है।जो भोजन पकाने के लिए सबसे उपयुक्त जगह है।
अन्नपूर्णा की कृपा से मिलने वाले शुभ लाभ
- अन्न पकाने या परोसने में यदि कोई अनजानी भूल हो जाए तो मा अन्नपूर्णा की कृपा से अन्न दोष नहीं लगता और भोजन हमेशा सात्विक रहता है।
- ऐसी रसोई में पके भोजन को ग्रहण करने वाले घर के सदस्य कभी गंभीर बीमारियों से पीड़ित नहीं होते। यह भोजन केवल शरीर को ही नहीं बल्कि मन को भी पोषण देता है।
- जैसा अन्न वैसा मन-की कहावत के अनुसार मा अन्नपूर्णा के आशीर्वाद से बने भोजन को खाने से इंसान के मन में नकारात्मक विचार नहीं आते और मानसिक शांति बनी रहती है।
- सबसे मुख्य बात यह है कि जिस घर पर मा अन्नपूर्णा की कृपा होती है।वहा अनाज और धन की कभी कमी नहीं होती और घर में हमेशा समृद्धि का वास बना रहता है।



