पुरी। ओडिशा के पवित्र धाम पुरी के समुद्र तट पर इन दिनों एक विशेष और अनोखी कलाकृति पर्यटकों और श्रद्धालुओं का ध्यान अपनी ओर खींच रही है। कलाकार बनांबर पटनायक द्वारा गत्ते (कार्डबोर्ड) से बनाई गई भगवान गणेश की यह अनूठी मूर्ति नीलाद्रि बीजे के अवसर पर समुद्र तट पर प्रदर्शित की गई है।

समुद्र की ओर मुख करके रेत पर स्थापित यह मूर्ति 4 फीट ऊंची और 4 फीट चौड़ी है। इसे बनाने में कार्डबोर्ड, फोम, कपड़ा और पत्थरों का कुशल उपयोग किया गया है।
इस कलाकृति की सबसे बड़ी खासियत यह है कि भगवान गणेश का चेहरा और सूंड हवा में तैरते हुए प्रतीत होते हैं। मूर्ति के पीछे की ओर विशाल समुद्र इस प्रकार दिखाई देता है मानो वह भगवान गणेश का उदर (पेट) हो। यह दृश्य संयोजन पर्यटकों के लिए एक अद्भुत और आकर्षक अनुभव प्रस्तुत कर रहा है।
कलाकार बनांबर पटनायक के अनुसार, इस विशाल और विस्तृत मूर्ति का वजन मात्र 4 किलोग्राम है। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं और कला प्रेमियों को कुछ नया और अलग अनुभव देने के उद्देश्य से उन्होंने इस अवधारणा पर काम किया।
बनांबर पटनायक ने कहा कि हर कलाकार भगवान के प्रति अपनी श्रद्धा और रचनात्मकता को अलग-अलग रूपों में व्यक्त करता है। इससे पहले भी वह विभिन्न सामग्रियों का उपयोग करके नवोन्मेषी मूर्तियां बना चुके हैं, जिन्हें लोगों द्वारा काफी सराहा गया है।
उनकी इस विशिष्ट कलात्मक शैली और नवाचार के लिए उनका नाम ‘इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ और ‘एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ में भी दर्ज हो चुका है। पुरी समुद्र तट पर आने वाले पर्यटक इस रचनात्मक गणेश प्रतिमा के साथ तस्वीरें खिंचवाने के लिए काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं।
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