संजय वाणी, आलीराजपुर। जिले के जोबट में गंगा दशहरा के पावन अवसर पर “जल गंगा संवर्धन अभियान 2.0” के अंतर्गत जल स्रोत पूजन एवं भव्य गंगा कलश यात्रा का आयोजन किया गया। यह अभियान 19 मार्च 2026 से 30 जून 2026 तक संचालित किया जा रहा है, जिसके तहत जल संरक्षण एवं संवर्धन को लेकर विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।
जल है तो कल है”, “पानी बचाओ-जीवन बचाओ” के लगाए नारे
कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, महिलाओं, युवाओं, स्कूली छात्र-छात्राओं एवं ग्रामीणों की बड़ी सहभागिता देखने को मिली। पूरे नगर में धार्मिक आस्था और जल संरक्षण का संदेश एक साथ गूंजता नजर आया। अभियान के तहत तालाब, कुएं एवं अन्य पारंपरिक जल स्रोतों का विधि-विधान से पूजन किया गया। महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश रखकर नगर के प्रमुख मार्गों से भव्य यात्रा निकाली। यात्रा के दौरान “जल है तो कल है”, “पानी बचाओ-जीवन बचाओ” जैसे नारों से वातावरण गूंज उठा।
जल स्रोतों का संरक्षण बेहद जरूरी
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन एवं जल स्रोतों के संवर्धन के प्रति जागरूक करना रहा। अधिकारियों ने कहा कि बढ़ते जल संकट को देखते हुए हर व्यक्ति को जल बचाने की जिम्मेदारी निभानी होगी। आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए जल स्रोतों का संरक्षण बेहद जरूरी है। गंगा दशहरा पर आयोजित यह अभियान केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि समाज को जल बचाने का बड़ा संदेश देने वाला जनआंदोलन बनकर सामने आया। जोबट में निकली गंगा कलश यात्रा ने लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।

