यह खबर हमें सचेत करने वाली है. क्योंकि राजस्थान के डूमोली खुर्द में शादी में आई एक सात साल की मासूम बच्ची को बर्तन धोने वाला बहला-फुसलाकर अपहरण कर ले गया और उसके साथ दरिंदगी का दुस्साहस किया.

लेकिन साथ खेल रहे बच्चों की सतर्कता से तत्काल वारदात का पता चल जाने से सक्रिय हुई पुलिस व ग्रामीणों से घिरने पर आरोपी बच्ची को गांव से करीब दो किमी दूर पचेरी जाने वाले रास्ते पर छोड़कर फरार हो गया.

पूरा मामला सीकर जिले के घासीपुरा कांवट की रहने वाली सात साल की बच्ची अपने ननिहाल डूमोली खुर्द में शादी में आई थी.

शादी समारोह चल रहा था, परिजन खाना-खाने में व्यस्त थे. इसी दौरान दोपहर करीब ढाई बजे शादी में बर्तन धोने के लिए आया हुआ डाबला बिहार निवासी रतनलाल बलाई घर के सामने तीन बच्चों के साथ खेल रही मासूम को दुकान से टॉफी दिलाने के बहाने अपने साथ ले गया.

गांव में दुकान से बच्ची को टॉफी दिलवाई और फिर साथ लेकर फरार हो गया. जब मासूम वापस नहीं आई तो वहां खेल रहे बच्चों ने परिजनों को जानकारी दी.

सकते में आए परिजनों ने पुलिस को सूचना दी, सूचना पर पुलिस ने क्षेत्र में नाकाबंदी करवाई. पुलिस ने ग्रामीणों के सहयोग से खेतों में खड़ी फसल व पहाड़ी क्षेत्र में बच्ची की तलाश शुरू की.

सोशल मीडिया पर बच्ची का फोटो वायरल किया, गांव में पुलिस के मूवमेंट को देखकर आरोपी रतनलाल बच्ची को गांव से बाहर पचेरी रास्ते पर छोड़कर फरार हो गया.

इस बीच शाम करीब छह बजे पचेरी की तरफ जाने वाले रास्ते पर गांव की ही कुछ महिलाएं को बच्ची रोते हुए मिल गई. गांव की महिला सुमन, नथिया व सरिता उसे अपने घर ले गई. उनकी सूचना पर पुलिस ने मासूम को अस्पताल पहुंचाया.

पाटन में 15 साल पहले नाबालिग से दुष्कर्म कर कुएं में फैंका था

मासूम से दुष्कर्म की कोशिश करने वाला आरोपी आदतन अपराधी है. उसने करीब 15 साल पहले 2007 में पाटन थाना इलाके के बिहार डाबला में भी ऐसी ही वारदात की थी. उस समय स्कूल से घर लौट रही नाबालिग को सूनसान जगह ले जाकर उससे दुष्कर्म किया था. बाद में डर के मारे नाबालिग को कुएं में धकेल दिया था.

नाबालिग की चिल्लाने की आवाज सुनकर ग्रामीणों ने उसे कुएं से जिंदा बाहर निकाल लिया था, इस मामले में उस पर अपहरण, दुष्कर्म व जानलेवा हमले में केस फाइल हुआ था. कोर्ट ने उसे 10 साल की सजा सुनाई थी, वह जेल में गया और 2017 में सजा पूरी होने पर बाहर आया. इसके बाद से वह गांव के ही लोगों के साथ शादियों में बर्तन साफ करने का काम करता था.