कैथल प्रशासन ने बिना मंजूरी विकसित की जा रही 2 एकड़ की अवैध कॉलोनी को ध्वस्त कर दिया है। डीटीपी ने भू-मालिकों और प्रॉपर्टी डीलरों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।

राकेश कथूरिया, कैथल। जिला प्रशासन और जिला नगर योजनाकार (DTP) विभाग ने अवैध कॉलोनियों के विरुद्ध एक बड़ा अभियान चलाते हुए सख्त कार्रवाई की है। स्थानीय अर्बन एरिया की राजस्व संपदा पट्टी कायस्थ सेठ में ड्रेन के पास लगभग दो एकड़ भूमि पर अवैध रूप से विकसित की जा रही कॉलोनी पर विभाग ने अपना पीला पंजा चलाया। यह कॉलोनी बिना किसी विभागीय अनुमति या लाइसेंस के तैयार की जा रही थी। इस ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान कॉलोनी में बिछाई गई कच्ची सड़कों को जेसीबी की मदद से पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। इतना ही नहीं, संबंधित भू-मालिकों और प्रॉपर्टी डीलरों के खिलाफ पुलिस में भी कानूनी मामला दर्ज कराया गया है।

विभागीय नोटिस के बावजूद जारी था निर्माण

जिला नगर योजनाकार प्रवीण कुमार ने जानकारी दी कि विभाग को इस अवैध निर्माण की गुप्त सूचना मिली थी। इसके तुरंत बाद जांच शुरू की गई, जिसमें पाया गया कि कॉलोनी बिना किसी सरकारी मंजूरी के विकसित की जा रही है। विभाग ने हरियाणा विकास एवं शहरी क्षेत्र विनियमन अधिनियम, 1975 की धाराओं के तहत भू-मालिकों को नोटिस जारी कर निर्माण कार्य को तुरंत रोकने के निर्देश दिए थे। हालांकि, नोटिस मिलने के बाद भी न तो निर्माण कार्य रोका गया और न ही विभाग से कोई जरूरी अनुमति ली गई। लगातार नियमों की अनदेखी के चलते विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया को अंजाम दिया।

प्रशासनिक देखरेख में चली कार्रवाई

यह कार्रवाई वीरवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट संदीप सोलंकी की सीधी निगरानी और मौजूदगी में संपन्न हुई। डीटीपी प्रवीण कुमार ने स्पष्ट किया कि प्रशासन किसी भी सूरत में शहर में अवैध निर्माण को बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने आम नागरिकों और निवेशकों से भी अपील की है कि वे किसी भी ऐसी कॉलोनी में जमीन खरीदने से बचें जो डीटीपी द्वारा अधिकृत न हो। भविष्य में भी ऐसी अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। जिला प्रशासन की इस मुहिम से अवैध कॉलोनाइजरों में हड़कंप मच गया है। विभाग की ओर से यह साफ कर दिया गया है कि नियमों को ताक पर रखकर विकसित की जाने वाली किसी भी परियोजना को बख्शा नहीं जाएगा।