संजीव, सोनीपत। हरियाणा के सोनीपत जिले में अवैध प्रॉपर्टी और कॉलोनियों के खिलाफ प्रशासन ने अपनी कार्रवाई काफी तेज कर दी है. सोनीपत महानगर विकास प्राधिकरण (एसएमडीए) की टीम ने उपायुक्त नेहा सिंह के आदेश पर एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) नीलम शर्मा की अगुवाई में टीम ने गांव जवाहरी के पास कामी रोड पर करीब आधा एकड़ जमीन में किए गए अवैध निर्माण को पूरी तरह से ढहा दिया. इस कार्रवाई के दौरान लगभग 170 मीटर लंबी अवैध चारदिवारी और करीब 150 वर्ग फुट में बनी एक दुकान को मलबे में तब्दील कर दिया गया.

ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में चला बुलडोजर, डीटीपी ने समझाया नियम

इस तोड़फोड़ की कार्रवाई को पूरी सुरक्षा और तैयारी के साथ अंजाम दिया गया. मौके पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट के तौर पर लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता अनिल कंबोज मौजूद थे. साथ ही एसएमडीए की इंफोर्समेंट टीम और भारी पुलिस बल भी तैनात रहा ताकि कोई हंगामा न हो. डीटीपी नीलम शर्मा ने साफ लहजे में बताया कि किसी भी नियंत्रित क्षेत्र (कंट्रोल्ड एरिया) में कोई भी नया निर्माण या बिल्डिंग बनाने से पहले एसएमडीए के सीईओ से लिखित में मंजूरी यानी लीगल परमिशन लेना बेहद जरूरी है. अगर कोई बिना मंजूरी के काम करता है, तो प्रशासन उसे किसी भी समय बिना नोटिस दिए गिरा सकता है.

आम जनता से अपील, जालसाजों के चक्कर में पड़कर न खरीदें प्लॉट

डीटीपी ने आम नागरिकों और जमीन खरीदारों से अपील की है कि वे अपनी मेहनत की कमाई को फंसाने से बचें. उन्होंने कहा कि लोग अवैध रूप से कट रही कॉलोनियों में सस्ते के चक्कर में प्लॉट खरीद लेते हैं, लेकिन ऐसी जगहों पर सरकार की तरफ से सड़क, पानी, सीवरेज या बिजली जैसी कोई भी बुनियादी सुविधा नहीं दी जाती है. कोई भी जमीन या प्लॉट लेने से पहले इस बात की अच्छी तरह जांच कर लें कि वह कॉलोनी सरकार से मंजूरशुदा (अप्रूव्ड) है या नहीं. किसी भी तरह की जानकारी या वेरिफिकेशन के लिए लोग सेक्टर-12 स्थित कराधान विभाग की चौथी मंजिल पर बने एसएमडीए दफ्तर में जाकर सीधे संपर्क कर सकते हैं.