० 28 जुलाई से 9 अगस्त तक नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य, टाटानगर होकर नहीं गुजरेंगी कई प्रमुख ट्रेनें; यात्रियों को सफर से पहले अपडेट देखने की सलाह

चक्रधरपुर। दक्षिण पूर्व रेलवे के खड़गपुर मंडल अंतर्गत बालेश्वर स्टेशन पर 28 जुलाई से 9 अगस्त तक नॉन-इंटरलॉकिंग और यार्ड रीमॉडलिंग कार्य किया जाएगा। इसके चलते रेलवे ने लंबी दूरी की कई ट्रेनों के परिचालन में बड़ा बदलाव किया है। इस अवधि में पांच राजधानी और एक्सप्रेस ट्रेनों का मार्ग बदला जाएगा, जबकि नौ ट्रेनों को रीशेड्यूल और दो ट्रेनों को नियंत्रित (कंट्रोल) कर चलाया जाएगा।

रेलवे के इस निर्णय का असर झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के हजारों यात्रियों पर पड़ेगा। खासकर नीलांचल एक्सप्रेस और राजधानी एक्सप्रेस निर्धारित तिथियों में टाटानगर स्टेशन से होकर नहीं गुजरेंगी, जिससे यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।

इन ट्रेनों का बदलेगा रूट

रेलवे के अनुसार आनंद विहार–पुरी नीलांचल एक्सप्रेस (12876), नई दिल्ली–भुवनेश्वर राजधानी एक्सप्रेस (22824), भुवनेश्वर–नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस (22811 एवं 22823) और आनंद विहार–पुरी नंदनकानन एक्सप्रेस (12816) अलग-अलग तिथियों में परिवर्तित मार्ग से संचालित होंगी। ये ट्रेनें टाटानगर, बालेश्वर और भद्रक के बजाय कांड्रा, सिनी, राजखरसावां, चाईबासा, नयागढ़ और जखपुरा होते हुए अपने गंतव्य तक जाएंगी।

कई ट्रेनें देरी से होंगी रवाना

रीमॉडलिंग कार्य के कारण कई ट्रेनों के प्रस्थान समय में भी बदलाव किया गया है। भुवनेश्वर–नई दिल्ली राजधानी, नई दिल्ली–भुवनेश्वर राजधानी, एसएमवीटी बेंगलुरु–कामाख्या एक्सप्रेस, कामाख्या–एसएमवीटी बेंगलुरु एक्सप्रेस तथा पुरुलिया–तिरुनेलवेली एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनें विभिन्न तिथियों में 50 मिनट से 180 मिनट तक की देरी से रवाना होंगी।

सफर से पहले ट्रेन की स्थिति जरूर जांचें

रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा पर निकलने से पहले अपनी ट्रेन की अपडेटेड समय-सारिणी और रूट की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके। बालेश्वर स्टेशन पर चल रहे यार्ड रीमॉडलिंग कार्य के पूरा होने के बाद ट्रेनों का संचालन पुनः सामान्य कर दिया जाएगा।