Hero Asian Champions Trophy 2026: भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में अपने शानदार प्रदर्शन को जारी रखते हुए फाइनल में जगह बना ली है। बुधवार को खेले गए दूसरे सेमीफाइनल में भारत ने दक्षिण कोरिया को 8-1 के बड़े अंतर से हराया। इस जीत के साथ ही भारतीय टीम ने रिकॉर्ड सातवीं बार टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचने का कारनामा किया। मुकाबले में शुरुआत से ही भारतीय खिलाड़ियों का आक्रामक अंदाज देखने को मिला। टीम की ओर से शिलानंद लाकड़ा और दिलप्रीत सिंह ने दो-दो गोल किए, जबकि कप्तान हरमनप्रीत सिंह, सुखजीत सिंह, अंगद बीर सिंह और विवेक सागर प्रसाद ने एक-एक गोल दागा।
पहले हाफ में ही भारत ने बना ली बड़ी बढ़त
मैच शुरू होते ही भारतीय खिलाड़ियों ने कोरियाई डिफेंस पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। चौथे मिनट में शिलानंद लाकड़ा ने मैदानी गोल करके भारत का खाता खोला। हालांकि, दक्षिण कोरिया ने नौवें मिनट में हान संगजुन के गोल की मदद से स्कोर 1-1 कर दिया।
इसके बाद भारतीय टीम ने फिर आक्रामक खेल दिखाया। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर भारत को दोबारा बढ़त दिलाई। 13वें मिनट में शिलानंद लाकड़ा ने एक और गोल दागते हुए अपना खाता दो गोल तक पहुंचा दिया। इस तरह भारत ने शुरुआती क्वार्टर में ही मुकाबले पर मजबूत पकड़ बना ली।
दूसरे क्वार्टर में भी भारतीय टीम का हमला जारी रहा। 21वें मिनट में सुखजीत सिंह ने मैदानी गोल करके स्कोर 4-1 कर दिया। इसके कुछ ही सेकंड बाद दिलप्रीत सिंह ने गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचाया। दिलप्रीत ने 25वें मिनट में अपना दूसरा गोल भी कर दिया। लगातार गोलों के सामने दक्षिण कोरियाई टीम बेबस नजर आई और पहले हाफ की समाप्ति तक भारत ने 6-1 की मजबूत बढ़त हासिल कर ली थी।
दूसरे हाफ में भी नहीं थमा भारतीय टीम का हमला
छह गोल की बढ़त मिलने के बाद भी भारतीय खिलाड़ियों ने अपना आक्रामक रुख बनाए रखा। तीसरे क्वार्टर में 36वें मिनट पर अंगद बीर सिंह ने मैदानी गोल करके भारत को 7-1 से आगे कर दिया।

इसके बाद दक्षिण कोरिया ने मैच में वापसी करने की कोशिश की, लेकिन भारतीय डिफेंस ने उसके हमलों को नाकाम कर दिया। कोरियाई खिलाड़ियों को गोल करने का कोई और मौका नहीं मिला। मुकाबले का आखिरी गोल 54वें मिनट में विवेक सागर प्रसाद ने दागा। उनके इस गोल के साथ भारत ने स्कोर 8-1 कर दिया और इसी अंतर से मुकाबला अपने नाम कर लिया।
मैच के दौरान भारतीय टीम को कुल चार पेनल्टी कॉर्नर मिले, जबकि दक्षिण कोरिया की टीम एक भी पेनल्टी कॉर्नर हासिल नहीं कर सकी। इससे मुकाबले में भारतीय टीम के आक्रामक खेल के साथ-साथ उसकी रक्षात्मक मजबूती भी सामने आई।
जापान से होगा फाइनल में मुकाबला
अब भारतीय टीम की नजरें खिताब पर हैं। आज शाम को खेले जाने वाले फाइनल में उसका सामना जापान से होगा। जापान ने पहले सेमीफाइनल में मलेशिया को पेनल्टी शूटआउट में 5-3 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। निर्धारित समय तक दोनों टीमों के बीच मुकाबला गोलरहित रहा था, जिसके बाद शूटआउट में जापान ने बाजी मार ली।
भारतीय टीम के लिए इस टूर्नामेंट का लीग चरण भी शानदार रहा। छह टीमों के बीच खेले गए राउंड रॉबिन मुकाबलों में भारत ने अपने सभी पांच मैच जीते और पॉइंट्स टेबल में पहले स्थान पर रहते हुए सेमीफाइनल में प्रवेश किया था। खास बात यह है कि भारत ने लीग चरण में भी दक्षिण कोरिया को 8-0 से हराया था।
अब टीम इंडिया के सामने जापान की चुनौती है। भारत की नजरें फाइनल जीतकर छठी बार एशियन चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब अपने नाम करने पर होंगी।
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