FIH Hockey World Cup 2026: भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में अपने अभियान की शानदार शुरुआत की है। एम्स्टेलवीन के वैगनर स्टेडियम में शनिवार को खेले गए पूल डी के मुकाबले में भारत ने वेल्स को 3-1 से हराकर तीन अंक अपने नाम किए। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने दो गोल दागकर जीत में अहम भूमिका निभाई, जबकि संजय ने भी एक गोल किया। वेल्स की ओर से सैम वेल्श ने एक गोल किया, लेकिन भारतीय टीम की मजबूत शुरुआत को रोकने के लिए यह काफी नहीं था।
पहले क्वार्टर में ही भारत ने बनाई बढ़त
भारत ने मुकाबले की शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और वेल्स पर दबाव बनाए रखा। भारतीय टीम को शुरुआती मिनटों में कई पेनल्टी कॉर्नर मिले और आठवें मिनट में संजय ने इसका फायदा उठाते हुए गेंद को गोल पोस्ट में पहुंचा दिया। इस गोल के साथ भारत ने 1-0 की बढ़त हासिल कर ली।

संजय के गोल के कुछ ही मिनट बाद कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने भी अपना दम दिखाया। 11वें मिनट में मिले पेनल्टी कॉर्नर को उन्होंने शानदार ड्रैग-फ्लिक के जरिए गोल में बदल दिया। इसके साथ ही भारत की बढ़त 2-0 हो गई।
पहले क्वार्टर में दो गोल खाने के बाद वेल्स ने वापसी की कोशिश की, लेकिन भारतीय डिफेंस ने उसके हमलों को ज्यादा खतरनाक नहीं बनने दिया।
दूसरे क्वार्टर में नहीं हुआ कोई गोल
दूसरे क्वार्टर में भारत के पास बढ़त बढ़ाने का मौका आया, लेकिन टीम मिले पेनल्टी कॉर्नर को गोल में नहीं बदल सकी। दूसरी ओर वेल्स भी भारतीय रक्षापंक्ति को भेदने में कामयाब नहीं हुआ।
पहले हाफ का खेल समाप्त होने तक भारत 2-0 से आगे था।
हरमनप्रीत ने फिर दागा गोल
तीसरे क्वार्टर में भारतीय टीम ने एक बार फिर आक्रमण तेज किया। 43वें मिनट में भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला और कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने एक बार फिर अपनी ड्रैग-फ्लिक का शानदार इस्तेमाल करते हुए गेंद को गोल में पहुंचा दिया।
यह हरमनप्रीत का मैच में दूसरा गोल था और इसके साथ भारत ने 3-0 की मजबूत बढ़त हासिल कर ली।
तीन गोल से पिछड़ने के बाद वेल्स ने चौथे क्वार्टर में कुछ अच्छे हमले किए। टीम ने भारतीय डिफेंस पर दबाव बनाने की कोशिश की और आखिरकार 56वें मिनट में सैम वेल्श ने फील्ड गोल करके स्कोर 3-1 कर दिया।
हालांकि, भारतीय टीम ने इसके बाद अपनी रक्षापंक्ति को मजबूती से संभाला और वेल्स को दूसरा गोल करने का मौका नहीं दिया। अंतिम सीटी बजने के साथ भारत ने 3-1 से मुकाबला अपने नाम कर लिया।
अब इंग्लैंड से होगा सामना
वेल्स के खिलाफ जीत के बाद भारतीय टीम का अगला मुकाबला 17 अगस्त को इंग्लैंड से होगा। यह मैच भी एम्स्टेलवीन में खेला जाएगा। इसके बाद 19 अगस्त को भारत की भिड़ंत अपने चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से होगी। भारत, इंग्लैंड, पाकिस्तान और वेल्स पूल डी में शामिल हैं।
भारत की नजर इस बार सिर्फ पूल चरण में अच्छा प्रदर्शन करने पर नहीं, बल्कि 51 साल से चले आ रहे विश्व कप खिताब के सूखे को खत्म करने पर है। भारत ने आखिरी बार 1975 में विश्व कप ट्रॉफी जीती थी, जब उसने फाइनल में पाकिस्तान को 2-1 से हराया था।
वेल्स के खिलाफ मैदान पर उतरते ही भारत ने रचा इतिहास

वेल्स के खिलाफ मुकाबला भारतीय हॉकी के लिए एक और वजह से बेहद खास रहा। इस मैच में मैदान पर उतरते ही भारत एफआईएच पुरुष हॉकी विश्व कप के सभी 16 संस्करणों में हिस्सा लेने वाली दुनिया की पहली टीम बन गया।
भारतीय टीम ने 1971 में स्पेन के बार्सिलोना में आयोजित पहले विश्व कप से अपना सफर शुरू किया था। अपने पदार्पण टूर्नामेंट में भारत ने कांस्य पदक जीता था। 1973 में टीम फाइनल तक पहुंची, जबकि 1975 में कुआलालंपुर में पाकिस्तान को 2-1 से हराकर पहली और अब तक की एकमात्र विश्व कप ट्रॉफी अपने नाम की।
इसके बाद भारत को विश्व कप खिताब के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। 1982 में मुंबई में पांचवां, 1986 में लंदन में 12वां, 1990 में लाहौर में 10वां और 1994 में सिडनी में पांचवां स्थान हासिल किया। 1998 में टीम नौवें स्थान पर रही। 2002 में भारत 10वें, 2006 में 11वें, 2010 में आठवें, 2014 में नौवें और 2018 में छठे स्थान पर रहा। 2023 के पिछले विश्व कप में भारतीय टीम नौवें स्थान पर रही।
इस बार हरमनप्रीत सिंह की अगुआई वाली टीम के सामने 51 साल के इंतजार को खत्म करने की चुनौती है। वेल्स के खिलाफ जीत से भारत ने अभियान की शुरुआत उम्मीदों के मुताबिक की है, लेकिन आगे इंग्लैंड और पाकिस्तान जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ असली परीक्षा होगी।
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