India Private Space Rocket Skyroot Vikram-1 Mission: भारत आज अंतरिक्ष में इतिहास बनाने जा रहा है। भारत के पहले प्राइवेट रॉकेट स्काईरूट एयरोस्पेस के ‘विक्रम-1’ की लॉन्चिंग आज होगी। स्काईरूट एयरोस्पेस का विक्रम-1 रॉकेट श्रीहरिकोटा से सुबह 11.30 बजे लॉन्च होगा। विक्रम-1 450 km की पृथ्वी की निचली कक्षा तक जाएगा। इससे पहले कंपनी ने 2022 में विक्रम-S सबऑर्बिटल रॉकेट लॉन्च किया था, जो 89.5 km की ऊंचाई तक गया था। रॉकेट में सोने से बने कलाम, सीवी रमन और साराभाई को भी भेजा जाएगा।

यह भारत में बने पहले निजी ऑर्बिटल रॉकेट की पहली उड़ान है, जिसे मिशन आगमन नाम दिया गया है। यह रॉकेट कई तकनीकी उपकरणों और पीएम मोदी के संदेश जैसे पेलोड को 450 किलोमीटर ऊंची कक्षा में भेजेगा।

देश के पहले पहले प्राइवेट रॉकेट ‘विक्रम-1’ की लॉन्चिंग पर पीएम नरेंद्र मोदी ने बधाई दी है। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा- भारत की स्पेस यात्रा के लिए एक ऐतिहासिक नया पड़ाव! आज सुबह 11:30 AM बजे, स्काईरूट एयरोस्पेस भारत के पहले प्राइवेट तौर पर डेवलप किए गए लॉन्च व्हीकल, विक्रम-1 का पहला ऑर्बिटल लॉन्च करेगा। यह चार-स्टेज वाला रॉकेट तेज़ और ऑन-डिमांड लॉन्च सर्विस देने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह मिशन हमारे युवाओं के टैलेंट, पक्के इरादे और एंटरप्रेन्योरशिप की भावना को दिखाता है। यह यह भी दिखाता है कि हमारे स्पेस-सेक्टर में सुधार कैसे इनोवेशन और एंटरप्राइज के लिए नए मौके खोल रहे हैं।

पीएम मोदी ने आगे लिखा- पूरी स्काईरूट एयरोस्पेस टीम को सफल लॉन्च के लिए मेरी शुभकामनाएं। विक्रम-1 ऊंची उड़ान भरे, इतिहास रचे और इनोवेटर्स की एक पीढ़ी को प्रेरित करे। मैं सभी भारतीयों, खासकर अपने युवा दोस्तों से गुज़ारिश करता हूं कि वे इस ऐतिहासिक मिशन को फॉलो करें और #IndiaWithVikram1 का इस्तेमाल करके टीम स्काईरूट की सफलता की कामना करें।

हैदराबाद की कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस ने कई सालों की टेस्टिंग और तैयारी के बाद इस रॉकेट को लॉन्च पैड पर तैयार किया है। सात मंजिल जितनी ऊंचाई वाले इस रॉकेट की सभी जरूरी जांच पूरी कर ली गई है। इंजीनियरों ने वाहन की टेस्टिंग, टेलीमेट्री जांच और रडार ट्रैकिंग जैसी सभी प्रक्रियाएं सफलतापूर्वक पूरी कर ली हैं। स्काईरूट के सह संस्थापक और सीईओ पवन कुमार चंदना ने कहा कि जमीन पर जो भी टेस्टिंग हो सकती थी वह पूरी कर ली गई है और अब असली उड़ान में रॉकेट का प्रदर्शन देखना बाकी है। विक्रम-1 रॉकेट कई तकनीकी उपकरणों को धरती से 450 किलोमीटर ऊपर एक खास कक्षा में स्थापित करने की कोशिश करेगा। यह रॉकेट 350 किलोग्राम तक का वजन ले जा सकता है। इसे कार्बन कंपोजिट से बनाया गया है और इसमें कंपनी के अपने बनाए हुए इंजन लगे हैं, जिनमें 3डी प्रिंटेड इंजन भी शामिल हैं।

18 कैरेट सोने से बना आर्ट पीस भी स्पेस में जाएगा

भारत के पहले प्राइवेट रॉकेट ‘विक्रम-1’ के साथ सोने से बने कलाम, सीवी रमन और साराभाई को भी भेजा जा रहा है। कॉस्मोस डायमंड्स की कलाकृति “कॉस्मिक ब्लूम” और एक खास माइक्रो-आर्ट पीस भी रॉकेट में भेजा जा रहा है। यह माइक्रो-आर्ट पीस 18 कैरेट सोने से बना छोटा सा रॉकेट है। इस पर वैज्ञानिक सर सी वी रमन, डॉ. विक्रम साराभाई और डॉ. कलाम की सूक्ष्म मूर्तियां उकेरी गई हैं।

8 साल पहले कंपनी की हुई थी शुरुआत

बता दें कि स्काईरूट की शुरुआत करीब 8 साल पहले 2018 में हुई थी। इसे शुरू करने का मुख्य उद्देश्य भारत में ही बेहद किफायती और भरोसेमंद रॉकेट्स का निर्माण करना है, ताकि दुनिया भर के सैटेलाइट ऑपरेटर्स को ऑन-डिमांड और बजट-फ्रेंडली लॉन्चिंग सॉल्यूशंस दिए जा सकें।

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