जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख और कुख्यात आतंकी मसूद अजहर को लेकर पाकिस्तान के नए कदम पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पाकिस्तान की फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (FIA) ने अपनी नई ‘रेड बुक’ में मसूद अजहर को भगोड़ा घोषित करते हुए उसके सिर पर इनाम की रकम बढ़ाकर 70 लाख पाकिस्तानी रुपये कर दी है। भारत ने इसे आतंकवाद के खिलाफ वास्तविक कार्रवाई के बजाय महज दिखावा करार दिया है।

MEA ने पाकिस्तान को लताड़ा

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पाकिस्तान के इस कदम पर निशाना साधते हुए कहा कि इस तरह के हथकंडे पाकिस्तान के लिए नए नहीं हैं। उन्होंने कहा कि आतंकवाद को प्रायोजित करने वाले देश की ओर से की जाने वाली ऐसी घोषणाएं खोखली हैं और इनका कोई ठोस परिणाम नहीं निकलता। जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान को केवल घोषणाएं करने के बजाय आतंकवादियों के खिलाफ ठोस और प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए।

मसूद अजहर पर पाकिस्तान का ‘दोहरे रवैये’ का आरोप

पाकिस्तान पहले भी मसूद अजहर के ठिकाने को लेकर अलग-अलग दावे करता रहा है। 2021 से पाकिस्तान की ओर से दावा किया जाता रहा है कि मसूद अजहर देश में मौजूद नहीं है और वह अफगानिस्तान चला गया है। इसी दौरान उसके खिलाफ 50 लाख पाकिस्तानी रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था।

हालांकि, भारतीय खुफिया एजेंसियों के हवाले से सामने आई रिपोर्टों में दावा किया गया है कि मसूद अजहर पाकिस्तान में ही छिपा हुआ है। कुछ रिपोर्टों में उसके सिंध प्रांत के नवाबशाह में होने का दावा किया गया है।

FATF को लेकर पाकिस्तान की रणनीति?

पाकिस्तान के इस कदम को लेकर यह सवाल भी उठ रहे हैं कि क्या वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी छवि सुधारने की कोशिश कर रहा है। आलोचकों के मुताबिक, केवल किसी आतंकी को ‘मोस्ट वांटेड’ घोषित करना और इनाम बढ़ाना पर्याप्त नहीं है। गिरफ्तारी, जांच और कानूनी कार्रवाई ही आतंकवाद के खिलाफ वास्तविक प्रतिबद्धता साबित कर सकती है।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m